फर्रुखाबाद। कलेक्ट्रेट में डीएम मुथुकुमारस्वामी ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली। इसमें उनके तेवर खासे कड़क रहे। बैठक में गैरहाजिर रहने पर नवाबगंज के प्रभारी चिकित्साधिकारी के एक दिन के वेतन काटने की कार्रवाई की। उन्होंने साफ हिदायत दी कि बाहर से दवाएं लिखने के मामले पकड़ में आने पर बख्शा नहीं जाएगा। दवाओं के लेखाजोखा के लिए रजिस्टर बनाने का फरमान भी जारी किया है। लापरवाही पर उन्होंने एफआईआर लिखाने का फरमान सुनाया। अंधता निवारण कार्यक्रम के आंकडों को सही न मानते हुए उन्होंने जांच बैठा दी है।
स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों की समीक्षा के बाद डीएम ने कहा कि चिकित्सक व कर्मचारी अस्पताल में नहीं बैठते हैं। बाहर से खरीद के लिए भी दवाएं लिखी जा रही हैं। इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। अस्पतालों में आने वाली दवाओं व मरीज को दी गई दवाओं के लिए अलग से रजिस्टर बनाया जाए। निरीक्षण के समय विवरण न मिलने पर एफआईआर कराई जाएगी। आशा बहुओं के माध्यम से गांवों में गर्भवती महिलाओं का बायोडाटा बनवाकर संस्थागत प्रसव करवाने की भी हिदायत दी । डीएम ने मलेरिया व संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य टीम बनाने के लिए निर्देश दिए हैं। संक्रामक रोगों की जानकारी होने पर टीम को तत्काल इलाज के लिए रवाना किया जाएगा। इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत शिविर लगाकर नेत्र परीक्षण व आपरेशन किए जाएं। पिछले साल के आंकडों से वह सहमत नहीं हुए। इनमें फर्जीवाडा़ के शक में डीडीओ को जांच सौंप दी। स्कूलों में स्वास्थ्य एवं नेत्र ज्योति परीक्षण करवाकर चश्मा वितरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खून व कमजोर गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोलियां बंटवाई जाएं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पात्रों को स्मार्ट कार्ड दिए जाने की कार्रवाई शुरू करने के साथ ही परिवार कल्याण कार्यक्रमों पर जोर देने के लिए कहा। सीएमओ कमलेश कुमार ने कुष्ठ उन्मूलन, क्षय रोग नियंत्रण, परिवार कल्याण, अंधता निवारण कार्यक्रमों के बारे में जानकारियां दीं।