फर्रुखाबाद। सर्दी बढ़ने के साथ आलू का उत्पादन दोगुना हो गया है। मंडी में करीब तीन हजार क्विंटल आलू की आवक होने से भाव गिरकर 1221 रुपया प्रति क्विंटल हो गया। वहीं व्यापारियों को इतने आलू को बाहर की मंडियों में भेजने के लिए मोटरों की कमी पड़ रही है।
आलू की अगैती फसल की खुदाई का कार्य 15 नवंबर से चालू हो गया था। तापमान में गिरावट न आने के कारण आलू का उत्पादन एक बीघा में 11 से 12 पैकेट हो रहा था। इससे किसानों को करीब पांच हजार बीघा का घाटा भी उठाना पड़ रहा था। तापमान गिरने से आलू के उत्पादन में दोगुनी वृद्घि हुई है। इससे आसमान छू रहे आलू के भाव गिरने लगे हैं। तीन दिनों से आलू के भाव में लगातार गिरावट जारी है। बुधवार को 1700 रुपये प्रति क्विंटल आलू बिका था। वहीं गुरुवार को आलू का भाव लुढ़ककर 1221 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। जानकारों की मानें तो तापमान में गिरावट आने से आलू का उत्पादन बढ़ने लगा है। प्रतिबीघा 30 से 35 पैकेट आलू का उत्पादन हो रहा है। नवाबगंज के किसान गुड्डू ने बताया आलू उत्पादन बढ़ने से आलू के भाव जरूर उतरे हैं लेकिन किसानों को कुछ मुनाफा मिलने लगा है। उन्होंने बताया व्यापारियों द्वारा आलू की खरीद की जा रही है लेकिन माल बाहर की मंडियों में भेजने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण बाहर की लोडिंग नहीं हो पा रही है। आलू मंडी अध्यक्ष सतीश वर्मा ने बताया कि आलू की आवक अब प्रतिदिन यही रहेगी। लेकिन वाहन उपलब्ध न होने के कारण व्यापारी अपना माल बाहर नहीं भेज पा रहे हैं। इससे दूसरे दिन इसका प्रभाव भाव पर पड़ता है। किसानों को मजबूर होकर सस्ते में आलू की बिक्री करनी पड़ रहा है। यदि वाहन की उपलब्धता हो तो किसानों का आलू मंडी में नहीं बचेगा और दूसरे दिन आवक के हिसाब से भाव खोला जाएगा। उन्होंने बताया इस समय आलू उत्तरांचल, पूर्वांचल के साथ बिहार प्रमुख रूप से भेजा जा रहा है।