फर्रुखाबाद। छापेमारी के दौरान जिलाधिकारी को श्रम प्रवर्तन कार्यालय का बुरा हाल मिला। गेट के पास लगे लोहे के जाल में जाला लगा देख उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को फटकार लगा दी। अधिकारियों के जनता दरबार में समय से न आने की शिकायतें मिलने पर प्रभारी सीडीओ को जांच करने के आदेश दिए हैं। अभिलेखों की पड़ताल में भी खामियां मिलीं।
मंगलवार को जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने प्रभारी सीडीओ प्रहलाद सिंह के साथ श्रम प्रवर्तन कार्यालय में छापा मारा। यहां श्रम प्रवर्तन अधिकारी हरिकरन सिंह यादव और एसपी सिंह उपस्थित नहीं मिले। बताया गया कि यह सुबह 10 से 12 बजे तक जनता दरबार में भी मौजूद नहीं रहते हैं। भोलेपुर भीमसेन मार्केट के पास किराए की बिल्डिंग में चल रहे कार्यालय का बोर्ड काफी छोटा था। गेट के पास लगे लोहे के जाल में जाला देख डीएम ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शीला देवी व करुणाशंकर की फटकार लगा दी। बोले कि प्रधानमंत्री सफाई पर इतना बल दे रहे हैं और विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उनके सपने को साकार करने में दिलचस्पी नहीं लेे रहे। दोनों कर्मचारियों को सफाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि अगर सफाई नहीं कर सकते हो तो घर बैठो, नौकरी करने की जरूरत नहीं। सफाई नहीं की तो निलंबित कर दिया जाएगा। डीएम के निर्देश पर प्रभारी सीडीओ ने कार्यालय के अभिलेखों की जांच की। इसमें पंजीकृत मजदूरों को ऑनलाइन किए जाने कार्य अधूरा मिला। अभी तक 12000 मजदूर ही ऑनलाइन किए जा सके हैं। जिले को 50 हजार मजदूरों के पंजीकरण का लक्ष्य मिला था। प्रभारी सीडीओ प्रह्लाद सिंह ने मासिक सूचना रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए। ब्लाकों में फार्म भेज कर पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए कहा। जिलाधिकारी ने दोनो श्रम प्रवर्तन अधिकारियों से जवाब मांगा है।