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बिना डाक्टरों के चल रहे कई अस्पताल

Tue, 22 Jul 2014 05:30 AM IST
Farrukhabad
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फर्रुखाबाद। होम्योपैथी, आयुर्वेदिक व यूनानी अस्पतालाें में चिकित्सकाें का टोटा है। कहीं इलाज की जिम्मेदारी फार्मेसिस्टों के पास है तो कहीं चतुर्थश्रेणी कर्मचारी दवा देकर टरक ा देते हैं। होम्योपैथी के नौ अस्पताल बिना डाक्टराें के हैं। आयुर्वेद के 16 अस्पतालों को छह डाक्टर चला रहे हैं। यूनानी के महज तीन अस्पताल हैं। इनके लिए एक ही चिकित्सक है। ज्यादातर अस्पताल देहात इलाकों में हैं। डाक्टर न होने से स्टाफ की भी मनमानी कायम रहती है। इससे इन स्वास्थ्य सेवाआें का लाभ मरीजाें को नहीं मिल पा रहा है।
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आयुर्वेद के सोलह अस्पताल, 6 डाक्टर
आयुर्वेद के जिले में 16 अस्पताल हैं। तैनाती केवल 6 चिकित्सकों की है। इन्हीं के भरोसे सारे अस्पतालाें में इलाज चलता है। यह अस्पताल फतेहगढ़, लिंजीगंज, गुतासी, सवलपुर, मौधा, अजीजलपुर, शमसाबाद, पिथनापुर, गांधी, खंडौली, सिकंदरपुर खास, गढ़ी वनकटी, राजेंद्र नगर, सरह, गदनपुर तुर्रा व अमृतपुर में हैं। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मौधा में तैनात चिकित्सक डा. अखिलेश कुमार इसी माह की 31 तारीख को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। तब पांच चिकित्सक ही रह जाएंगे। अभी 6 चिकित्सक सप्ताह में अलग-अलग दिन ड्यूटी करते हैं। इससे इलाकाई मरीजाें को दिक्कत उठानी पड़ती है। फार्मेसिस्टों क ी भी कमी है। जिले में 18 फार्मेसिस्टों के पद हैं। इनमें से 5 पदाें पर ही तैनाती है।

तीन यूनानी अस्पतालाें पर एक चिकित्सक
जिले में तीन यूनानी अस्पताल हैं। यह झब्बूपुर, जरारी व पिपरगांव में संचालित हैं। तैनाती केवल एक चिकित्सक की है। संविदा पर तैनात चिकित्सक एचएच मोहसिन को इन अस्पतालाें की जिम्मेदारी दे दी गई है। इनमें फार्मेसिस्टों के पद भरे हैं।
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होम्योपैथी के 19 अस्पताल, नौ में डाक्टर नहीं
जिले में होम्योपैथी चिकित्सा के 19 अस्पताल संचालित हैं। इनमें से भटासा, कायमगंज, पुठरी, बिलचैया, रशीदाबाद, किराचिन, बहोरिकपुर व मंझना, दरौरा में डाक्टराें की तैनाती ही नहीं है। बाकी जगह फार्मेसिस्ट काम देख रहे हैं। कायमगंज, रशीदाबाद, किराचिन में फार्मेसिस्टों को अल्टरनेट ड्यूटी दी गई है। बिना चिकित्सकों वाले अस्पतालों से फार्मेसिस्ट के छुट्टी पर चले जाने से बंदी की नौबत आ जाती है। फार्मेसिस्ट के लेट होने पर मरीजाें को घंटाें इंतजार करना पड़ता है। फार्मेसिस्टों के अलावा अस्पतालाें में चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों के पद भी खाली चल रहे हैं।

बोले जिम्मेदार
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. सुरजन लाल का कहना है कि चिकित्सकाें व फार्मेसिस्टों की कमी को लेकर शासन को लिखा गया है। वहीं जिला होम्योपैथी चिकित्साधिकारी डा. मधुरंजन सक्सेना कहती हैं कि सभी अस्पतालों में डाक्टरों की तैनाती के लिए शासन को कई बार लिखा जा चुका है। अभी तक तैनाती नहीं हुई है।
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