फर्रुखाबाद। डाक्टर राममनोहर लोहिया अस्पताल में रविवार को मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ के अधिवेशन से कर्मचारियों में दो फांट हो गए हैं। इस अधिवेशन में नारायणी को जिलाध्यक्ष और कमलेश को मंत्री बनाया गया। दूसरे गुट ने इस अधिवेशन को विदाई समारोह की आड़ में सूचना दिए बगैर किए जाने का आरोप लगाया है। इस गुट ने अधिवेशन को निरस्त किए जाने की मांग की है।
लोहिया अस्पताल में हुए द्विवार्षिक अधिवेशन में नारायणी को जिलाध्यक्ष, विटाना देवी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रामश्री, नीलम, रजनी कठेरिया, कमला सक्सेना, सीमा पाल, निशा, कमला शाक्य को उपाध्यक्ष, कमलेश मिश्रा को मंत्री, कुसुम शाक्य को संयुक्त मंत्री, रामश्री यादव को संगठन मंत्री, मीरा वर्मा को कोषाध्यक्ष, आदर्श कुमारी को आडीटर, कृष्णा यादव, शशिकला पांडेय , श्यामा देवी, ऊषा, कमलेश यादव, साधना अवस्थी व सुमन कुमारी को सदस्य चुना गया। इस अधिवेशन के समाप्त होते ही विरोध शुरू हो गया। दूसरे गुट ने अधिवेशन को गुपचुप तरीके से किए जाने का आरोप लगाया है। रामादेवी, रजनी सक्सेना, मनोरमा शाक्य, आशा देवी, नीलम, प्रमेश कुमारी ने प्रांतीय अध्यक्ष को भेजी शिकायत में कहा कि सेवानिवृत्त हुए फार्मासिस्ट शेष नरायण सचान का विदाई समारोह था। इसमें गुपचुप तरीके से मातृ शिशु कल्याण महिला संघ का अधिवेशन कर पदाधिकारियों का चयन कर लिया गया। इसकी जानकारी संघ के वर्तमान पदाधिकारियों को नहीं दी गई। अधिवेशन विभागीय अधिकारी एवं पदाधिकारियों की मौजूदगी में होना चाहिए था। इसकी जानकारी सेवारत सभी कर्मचारियों को दी जानी थी। गुपचुप तरीके से हुए अधिवेशन को निरस्त किया जाए। दोबारा से अधिवेशन कराकर खुली बैठक में पदाधिकारियों की चयन प्रक्रिया कराई जाए।