बहन ने सगे भाई को ही पहचानने से कर दिया इनकार
प्रेमी के पिता के बहकावे पर कोर्ट में दायर की याचिका
मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद)। प्रेम की ताकत ने भाई को बहन से जुदा कर दिया। बहन ने अपने ही सगे भाई को पहचानने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं उसके खिलाफ कोर्ट में याचिका भी दायर कर दी है। अब भाई अपने आप को साबित करने के लिए दर-दर भटक रहा है।
यह वाकया है मोहम्मदाबाद के एक गांव का। यहां के एक युवक (26) ने बताया कि उसके पिता की वर्ष 2003 और उसके एक साल बाद मां की मौत हो गई थी। उसके पास ढाई बीघा जमीन और मकान था। माता-पिता की मौत के बाद उसने घर का खर्चा चलाने और बहन की शादी के लिए पैसा कमाने की सोची। इस सोच के साथ उसने इकलौती बहन को घर की जिम्मेदारी दी। उसकी देखभाल के लिए पड़ोसी से मिन्नतें की। पड़ोसी ने उसे भरोसा दिया कि वह चिंता न करे। वह दिल्ली चला गया। युवक का आरोप है कि वह पैसा कमाने के बाद अपनी बहन की शादी के लिए पड़ोसी को पैसा भेजता रहा। कुछ दिन बाद जब वह लौटा तो पड़ोसी ने लड़का ढूंढने का हवाला दिया। इस पर वह फिर दिल्ली चला गया। आरोप है कि इस बीच उसकी बहन और पड़ोसी के बेटे के बीच प्रेम संबंध हो गए। दोनों साथ-साथ रहने लगे। कुछ दिन बाद जब वह लौटा तो गांव वालों ने इसकी जानकारी दी। उसने पड़ोसी और अपनी बहन से इस बारे में पूछा। इस पर पड़ोसी के परिवार वालों के साथ ही उसकी बहन भी नाराज हो गई। बहन ने पड़ोसी के बहकावे में आकर उसके ही खिलाफ कोर्ट याचिका दायर कर दी। इसमें कहा है कि उसका कोई भाई नहीं है। साथ ही पिता की संपत्ति को अपने नाम कराने की भी कोशिश की। जब उसे बहन की ओर कोर्ट में याचिका दायर करने की जानकारी मिली तो उसने भी 10 जनवरी को पड़ोसी, उसके बेटे और एक अन्य के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर 60 हजार रुपये हड़पने, बहन को बहला फुसलाकर शादी करने का आरोप लगाया है। बताया कि इस समय वह गांव में ही अपने दोस्त के पास रह रहा है और कस्बा बाजार में चाय की दुकान चला रहा। वहीं बहन बताया कि वह उसे नहीं जानती है। वह उसका भाई नहीं है।