फर्रुखाबाद। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रामा मेडिकल कॉलेज रिसर्च सेंटर कानपुर के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट लिखने का आदेश शहर कोतवाल को दिया है। इसमें सेंटर पर लगे सुरक्षाकर्मियों का मानदेय हड़पने का आरोप लगाया गया है।
पूर्वा सैनिक सिक्योरिटी सर्विस के निदेशक भानू प्रताप सिंह भदौरिया ने कानपुर नगर के थाना मंधना स्थित रामा मेडिकल कॉलेज रिसर्च सेंटर के चेयरमैन बीएस कुशवाहा, वाइस चेयरमैन सूरज कुशवाहा, हास्पिटल प्रभारी प्रभात चौहान, सिक्योरिटी प्रभारी अजय चौहान व एचआर प्रभारी शोभा नायर के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की। इसमें कहा कि कॉलेज के चेयरमैन की मांग पर संस्था से सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराए गए। एक दिसंबर 2012 को हुए अनुबंध के तहत 5600 रुपये प्रतिमाह मानदेय पर 40 सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराए गए। शर्तों के तहत गार्डों को हटाए जाने से पहले सिक्योरिटी संस्था को सूचना देनी थी, लेकिन बिना किसी सूचना के एक जुलाई 2013 को गार्डों को हटा दिया गया। गार्डों के मानदेय का 53000 रुपये सेंटर पर बकाया है। सिक्योरिटी सर्विस ने भर्ती के दौरान शर्तों के तहत गार्डों को एक दिसंबर 2013 तक का मानदेय करीब 15 लाख भुगतान किया। सुनवाई के बाद सीजेएम ने शहर कोतवाल को रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी कहा कि विवेचना कोर्ट में दाखिल करें।
पूर्वा सैनिक सिक्योरिटी सर्विस ने गार्डों की तैनाती के दौरान शर्तें पूरी नहीं कीं। उनकी तैनाती के दौरान मेडिकल कालेज में 13 बार चोरी हुईं। एक बार एक साथ 52 पंखे चोरी हुए। सीमेंट की बोरियों से लेकर अन्य सामान चोरी हुआ। इसीलिए उन्हें हटाया गया था। सिक्योरिटी सर्विस के निदेशक गलत आरोप लगा रहे हैं।
डॉ. बीएस कुशवाहा, चेयरमैन, रामा ग्रुप