फर्रुखाबाद। दूसरे प्रदेशों से बंधुआ मजदूरी से मुक्ति पाने वालाें का तो पुनर्वास किया जाएगा, जबकि जिले में बाल मजदूराें को चिह्नित करने का अभियान अभी शुरू नहीं हो पाया है। अभियान एक दिसंबर से शुरू होना था।
दिल्ली प्रशासन के अभियान में न्यामतनगर के खुशनूर और चांद खां बंधुआ मजदूरी करते मिले थे। सर्फाबाद निवासी मोदू खां व इंतजार को गुजरात पुलिस ने अभियान में मुक्त कराया गया था। इन्हें दिल्ली और गुजरात से वापस घर भेज दिया गया था। इनकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई थी। बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास के लिए श्रम प्रवर्तन विभाग 20 हजार रु पये की मदद देता है। इसकी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शासन के फ रमान के मुताबिक जिले में 1 दिसंबर से बाल श्रमिक ाें के चिह्नीकरण के लिए अभियान चलना था। इसके लिए चार टीमें बनाई जा चुकी हैं। सिटी मजिस्ट्रेट प्रभुनाथ, एसडीएम सदर राकेश पटेल, एसडीएम अमृतपुर रामबहादुर वर्मा, एसडीएम कायमगंज प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में टीमें बनाई गई हैं।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। चिह्नित बच्चाें का स्कूलाें में दाखिला व उनके परिवार को पुनर्वास के लिए 100 दिन का रोजगार मुहैया कराया जाएगा। बाल मजदूरी करवाने वालाें को भी बख्शा नहीं जाएगा। इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।