फर्रुखाबाद। गठबंधन के बाद पहली बार जिले में सपा और बसपा के नेता एक मंच पर दिखाई दिए। मौका था फतेहगढ़ में आयोजित सपा के बूथ सम्मेलन का। सम्मेलन में लोकसभा चुनाव को लेकर गठबंधन के नेताओं ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
सपा-बसपा का गठबंधन हुए लगभग डेढ़ माह हो गया है, लेकिन जिले में दोनों दलों के नेता अब तक एक मंच पर नहीं दिखाई दिए। बसपा सुप्रीमो के जन्मदिन पर भी सपाई नहीं दिखाई दिए। इस दौरान एक वरिष्ठ बसपा नेता ने सपा और बसपा जिलाध्यक्ष से बात कर टी पार्टी का प्रस्ताव रखा, जिसे खारिज कर दिया गया। बसपा के लोकसभा प्रभारी बनाए जाने वाले कार्यक्रम में भी सपाई नहीं दिखे। सीट को लेकर भी बसपा और सपा में खींचतान मची रही, जिसमें बसपा ने बाजी मारी।
गठबंधन सीटों का बंटवारा होने के बाद मंगलवार को सपा महानगर अध्यक्ष विजय यादव के नेतृत्व में रखा फतेहगढ़ स्थित गिरिजा देवी गिरीशबाबू कोल्ड स्टोरेज में सपा का बूथ सम्मेलन हुआ। इसमें सपा जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, बसपा जिलाध्यक्ष विजय भाष्कर के अलावा बसपा लोकसभा क्षेत्र प्रभारी मनोज अग्रवाल समेत दोनों दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। दोनों पार्टी के जिलाध्यक्ष ने कहा कि गठबंधन के प्रत्याशी को पूरी दमदारी से चुनाव लड़ाएं। महानगर अध्यक्ष ने भी संबोधित किया। पूर्व मंत्री सतीश दीक्षित, यूनुस अंसारी, चंद्रेश राजपूत, नंदकिशोर दुबे, बसपा नेता फजल मंसूरी, रामनरेश गौतम और शरद श्रीवास्तव आदि रहे।