फर्रुखाबाद। किसानों का इस वर्ष आलू की फसल की ओर रुझान बढ़ा है। इससे आलू फसल के लिए छह हजार हेक्टेअर भूमि का रकबा बढ़ा। वहीं, बारिश व कोहरा न पड़ने से मौसम भी फसल के अनुकूल है। इससे आलू का उत्पादन भी पिछले वर्ष की तुलना में सवा गुना अधिक होने की उम्मीद है।
जनपद की मुख्य फसल आलू है। किसान आलू की फसल को अपने सम्मान व प्रतिष्ठा से भी जोड़े हैं। भाव गिरने से घाटा होने के बावजूद फसल से मोह नहीं टूटता और घाटे की भरपाई के लिए अगले वर्ष किसान और अधिक रकबे में फसल बोता है। जिले के सात ब्लाकों में कमालगंज व मोहम्मदाबाद आलू उत्पादन के सबसे बड़े क्षेत्र हैं। जबकि कायमगंज व राजेपुर क्षेत्र में आलू कम बोया जाता है। आलू एवं शाकभाजी विभाग के सहायक उद्यान निरीक्षक महावीर सिंह के अनुसार गत वर्ष जिले में 36 हजार हेक्टेअर भूमि पर आलू की बुवाई की गई थी। उसमें 10 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन हुआ था। इस वर्ष 42 हजार हेक्टेअर भूमि पर आलू की फसल बोई गई है। अब तक कोहरा व बारिश न पड़ने से फसल भी प्रभावित नहीं हुई। इससे आलू की पैदावार भी अच्छी होगी। इस वर्ष आलू की पैदावार करीब 12.50 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है।
झुलसा लगते ही करें उपाय
सहायक उद्यान निरीक्षक का कहना है कि ब्लाइट (झुलसा) रोग हरी फसल में पत्तियां झुलसने लगती हैं। शुरुआत में ही बचाव के लिए फसल में डाइथेन एम-45 का छिड़काव करें। इससे रोग को नियंत्रित किया जा सकता है। आलू एवं शाकभाजी अधिकारी आदित्य प्रताप सेंगर का कहना है कि इस वर्ष मौसम आलू की फसल के अनुकूल है। इससे उत्पादन भी बेहतर होगा।