फर्रुखाबाद। नलकूप कनेक्शन करवाने वाले ग्रामीण ने विद्युत वितरण निगम ग्रामीण खंड के एक्सईएन, एसडीओ व अवर अभियंता के खिलाफ एंटी करप्शन न्यायालय लखनऊ में याचिका दायर की है। इसमें विद्युत लाइन बने बगैर नलकूप को चालू दिखाकर 84 हजार का फर्जी बिल भेजने और इसको निरस्त करने के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव किसानन नगला निवासी अवधेश सिंह ने एक्सईएन ग्रामीण रमेश चंद्र, एसडीओ द्वितीय रघुनाथ सिंह व अवर अभियंता सतेंद्र कुमार के खिलाफ अधिवक्ता रमेश चंद्र कटियार के माध्यम से याचिका दायर की है। इसमें कहा कि पिता ने 2014 में सिंचाई के लिए नलकूप कनेक्शन के लिए पूर्ण धन जमा योजना के तहत आवेदन किया था। कनेक्शन स्वीकृत होने पर एक लाख 74 हजार 645 रुपये निगम में जमा किए थे। नलकूप की लाइन बनाने के लिए निगम के कर्मचारी गए तो गांव के कुछ लोगों ने विरोध कर दिया। झगड़ा होने से नलकूप की विद्युत लाइन नहीं बन सकी। इससे उसका नलकूप चालू नहीं हो सका। नलकूप की न तो अभी तक लाइन बनी है और न ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। इसके बाद भी निगम के अफसरों ने 84862 रुपये का बिजली बिल जारी कर दिया। इसको जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
जन सूचना अधिकार अधिनियम से नलकूप की लाइन बनने, ट्रांसफार्मर रखने और कनेक्शन चालू किए जाने की तिथि पूछी तो उसका कोई जवाब नहीं दिया। पीड़ित ग्रामीण ने अफसरों पर बिजली बिल निरस्त करने के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता रमेश चंद्र कटियार ने बताया कि याचिका पर सुनवाई को 21 जनवरी की तारीख लगी है। एक्सईएन रमेश चंद्र ने बताया कि इस प्रकरण की जानकारी नहीं है। उपभोक्ता को कोई समस्या है तो प्रत्यावेदन दें, उसकी समस्या का समाधान किया जाता है। ग्रामीण गलत आरोप लगा रहा है।
एसडीओ रघुनाथ सिंह ने बताया कि इस तरह का उनके पास कोई मामला नहीं आया है। जो आरोप लगाया जा रहा है वह गलत है। अवर अभियंता सतेंद्र कुमार ने बताया कि उनके पास कोई नहीं आया है। उपभोक्ता गलत आरोप लगा रहा है।