फोटो-34 नगर पंचायत खिमसेपुर में बैनामा प्रक्रिया पूरी कराते राजस्व कर्मी। स्रोत: कर्मचारी
फर्रुखाबाद। जिले में प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए प्रशासन ने 89 फीसद भूमि अधिग्रहीत कर ली। अब बैनामा न करने वाले किसानों की भूमि का अनिवार्य अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जबकि भूमि का मुआवजा कम दिए जाने का आरोप लगाते हुए किसान विरोध कर रहे थे। बाद में शासन से सर्किल रेट बढ़ाए जाने के बाद बैनामा की प्रक्रिया तेज हो गई थी। किसानों को समझाने के लिए अधिकारी उनके घर तक गए और बाद में बैनामा कराने प्रक्रिया भी पूरी कराई गई।
जिले को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे व गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 91 किलोमीटर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण स्वीकृत है। इसका 62 किलोमीटर भाग जिले से होकर निकलेगा। लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए कुल 727.4409 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जानी है। 97.446 हेक्टेयर सरकारी भूमि का अधिग्रहण किया गया है। जबकि किसानों से खरीदी जाने वाली 630.393 हेक्टेयर में से 550.914 हेक्टेयर भूमि का बैनामा कराया जा चुका है। कुल 87.44 प्रतिशत भूमि का किसानों से सहमति के आधार पर बैनामा हो गया है। 12.66 प्रतिशत का बैनामा अभी शेष है। इससे किसानों व सरकारी भूमि सहित कुल 89.12 प्रतिशत भूमि अधिग्रहीत हो चुकी है। कुल 5,962 किसानों से बैनामा कराया गया है। छूटे हुए रकबे में किसानों की संख्या अभी हजारों में बताई जा रही है।
अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए 89.12 प्रतिशत भूमि अधिग्रहीत कर ली गई है। शेष का अनिवार्य अधिग्रहण करने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। लेखपाल इसकी रिपोर्ट दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी किसानों से बैनामा कराने की भी प्रक्रिया चल रही है। जो किसान बैनामा करने नहीं आएंगे, उनकी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यूपीडा की ओर से लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही कार्यदायी संस्था नामित होने के साथ काम भी शुरू हो जाएगा।