मणींद्र नाथ बनर्जी की 82वीं पुण्यतिथि पर हुए शहीद स्मृति समारोह में शहीद
को शिद्दत से याद किया गया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंघल
ने कहा कि मणींद्र नाथ की शहादत युवकों को राष्ट्रभति की प्ररेणा प्रदान
करती है। समारोह में जेल के बंदियों ने बैंड की धुन पर राष्ट्रगान गाया।
मणींद्र की प्रतिमा पर पुष्पार्चन करने को लोगों का तांता लगा रहा।
केंद्रीय
कारागार फतेहगढ़ में शनिवार को मणींद्र नाथ बनर्जी की 82वीं पुण्यतिथि पर
शहीद स्मृति समारोह का आयोजन किया गया। जेल के बंदियों ने बैंड की धुन पर
देशभक्ति के गीत गाए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अफसरों ने शहीदों को
याद किया। शहीदों को स्मरण रखने के लिए केंद्रीय कारागार में एक दीर्घा
बनवाने का प्रस्ताव रखा गया। इसका सभी ने समर्थन किया। डा. रामकृष्ण राजपूत
ने जिले के गौरवशाली इतिहास पर बताया। इन्होंने कहा कि देश की आजादी की
लड़ाई में 161
लोगों को फांसी दी गई। 243 लोगों को कालापानी और 700 से अधिक
लोगों को कारावास मिला था। इन सभी को याद किया गया। स्वतंत्रता
संग्राम सेनानी परिवार के जयपाल सिंह, कन्हैया लाल श्रीवास्तव, गिरीश चंद्र
दुबे, महेंद्र नाथ धवन, विधान चंद्र गुप्ता, नवब काजिम हुसैन खां,
रामेंद्र सिंह राठौर, सुधाकर चतुर्वेदी समेत कई लोगों ने कार्यक्रम में
भागीदारी की। अतुल कपूर ने मणींद्र नाथ बनर्जी की हस्तनिर्मित पेंटिंग अपर
जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंघल को भेंट की। अपर जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता
संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। इस दौरान स्वतंत्रता
संग्राम सेनानी डा. कैसर खां, एएसपी रामभवन चौरसिया, नगर मजिस्ट्रेट पीके
जैन, तहसीलदार सदर संजीव ओझा, जेल अधीक्षक वीपी त्रिपाठी, पूर्व विधायक
महरम सिंह, अरुण कुमार बौद्ध, बाबू सिंह गिल, डा पीरएस सूद, पादरी किशन
मसीह, अनिल तिवारी समेत कई लोग मौजूद रहे।