फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव अर्जुनपुर में अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास दे दिए गए, जबकि गरीब झोपड़ी में गुजारा कर रहे हैं। इस मामले की आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की गई। इस पर अधिकारियों ने बिना जांच किए ही शिकायत की निस्तारण रिपोर्ट भेज दी।
गांव अर्जुनपुर निवासी विपिन कुमार ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी कि उनके गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपात्रों को आवास दे दिए गए। जबकि गरीब झोपड़ी में गुजर-बसर कर रहे हैं। शासन से शिकायत आने पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक ने मामले की जांच खंड विकास अधिकारी मोहम्मदाबाद को सौंपी। उन्होंने मौके पर गए बिना ही 23 फरवरी को जांच पूरी कर निस्तारण रिपोर्ट लगा दी गई।
इसमें कहा गया कि जनगणना 2011 के आधार पर तैयार की गई पात्रता सूची में जिन व्यक्तियों के नाम अंकित होते हैं, उन्हें जांचोपरांत आवास का लाभ दिया जाता है। इसमें ग्राम प्रधान व सचिव की कोई भूमिका नहीं होती। वहीं, शिकायतकर्ता विपिन का कहना है कि उनके गांव में कोई भी अधिकारी न तो जांच करने आया और न ही उन्हें जांच की जानकारी दी गई। उन्होंने बीडीओ पर भी मनमानी का आरोप लगाया।
बीडीओ कमलेश कटियार ने बताया कि सहायक विकास अधिकारी द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट को उन्होंने अग्रसारित कर दिया होगा। शिकायतकर्ता के असंतुष्ट होने की यदि शिकायत करेगा तो फिर से जांच करा दी जाएगी। शिकायतकर्ता के लिए विकल्प खुले हुए हैं। इस मामले में परियोजना निदेशक डीआरडीए लालजी यादव ने बताया कि उन्हें जांच रिपोर्ट नहीं मिली। उन्होंने बीडीओ को जांच सौंपी थी। यदि जांच सही नहीं हुई तो शिकायत मिलने पर फिर से जांच कराई जाएगी।