78 स्कूलों का होगा कायाकल्प, 35 रहेंगे बदहाल
फर्रुखाबाद। नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों की कायाकल्प योजना से काया बदलने की कवायद शुरू हो गई है। नगर क्षेत्र के 78 विद्यालयों को चिह्नित किया गया है। किराये के भवन में संचालित शहर फर्रुखाबाद 35 विद्यालयों में कायाकल्प के तहत काम कराने का पंच फंसने से इनको योजना से अलग कर दिया गया है। इससे 37 स्कूलों में कार्य कराया जाएगा जबकि शमसाबाद, कमालगंज, कायमगंज व मोहम्मदाबाद के 41 स्कूल कायाकल्प से संवरेंगे।
ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों को चकाचक करने को कायाकल्प के तहत काम कराया जा रहा है। अब नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के भी कायाकल्प की तैयारी है। योजना को परवान चढ़ाने के लिए जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को तैयारी बैठक होगी। इसके लिए विद्यालयों को चिह्नित कर उनमें जो कमी है, उसकी सूची विभागीय अधिकारियों की तैयार कर ली है। नगर क्षेत्र फर्रुखाबाद में 72 विद्यालय हैं।
इसमें विभागीय जमीन पर बने 37 विद्यालयों को चिह्नित किया गया है। इसमें किराये के भवन में चल रहे 35 स्कूलों का हटा दिया गया है। इनमें भवन मालिक की मर्जी से काम हो सकता है। इससे कायाकल्प के तहत इन स्कूलों में काम कराने का पेच फंस गया है। इन स्कूलों की दशा सबसे ज्यादा खराब है। यहां बच्चों के लिए तो दूर, शिक्षकों के बैठने को भी पर्याप्त जगह नहीं है। इन 35 विद्यालयों के बच्चों को टूटे टिन शेड और खंडहर भवन में शिक्षा पानी होगी।
शहर फर्रुखाबाद 37 स्कूलों के अलावा कायमगंज नगर क्षेत्र के 13, शमसाबाद नगर क्षेत्र के 13, कमालगंज नगर क्षेत्र के चार और मोहम्मदाबाद नगर क्षेत्र के 11 परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प के तहत काम कराया जाएगा।
बीएसए लालजी यादव ने बताया कि कायाकल्प के तहत नगर क्षेत्र कें स्कूलों में काम कराने की डीएम की अध्यक्षता में गुरुवार को बैठक होगी। इसमें काम किस प्रकार कराया जाएगा इसका डीएम निर्णय लेंगे। किराये के भवन में काम बगैर मकान मालिक की मर्जी से नहीं हो सकता है। इससे 35 किराये के भवनों में चल रहे स्कूलों को चिह्नित नहीं किया गया है।