फर्रुखाबाद। प्रदेश सरकार ने कुंभ मेला शुरू होने से पूर्व गंगा में सीधे गिरने वाले नालों को टैप करने के निर्देश दिए थे। जिससे कल्पवासियों को स्नान व आचमन के लिए शुद्ध जल मिल सके। वहीं, किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे अन्ना मवेशियों को पकड़कर बंद करने के लिए गोसदनों का निर्माण कराने के आदेश दिए गए। इसी तरह पांच माह पूर्व पॉलिथीन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था। इन सभी फरमानों का पालन प्रशासन की फाइलों में बखूबी बलवान हो रहा है, जबकि धरातल पर स्थिति इससे काफी अलग है।
26 गोसदनों का निर्माण पूरा नहीं, सड़कों पर घूम रहे गोवंश
जिले में मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव नवादा दोयम में वृहद गो संरक्षण केंद्र के अलावा 26 गोसदनों का निर्माण कराने के आदेश दिए गए। इसके लिए शासन से बजट भी मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने अन्ना घूमने वाले गोवंश को 10 जनवरी तक पकड़कर इन गोसदनों में बंद करने के आदेश जारी किए थे। अब तक 26 गोसदनों का निर्माण पूरा न होने से इनमें एक भी पशु बंद नहीं किया जा सका। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में अन्ना घूम रहे पशु राहगीरों व किसानों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। वहीं, ग्राम पंचायत स्तर पर बनाए गए 315 गोवंश आश्रय स्थल के अलावा नगर पालिका व नगर पंचायत के आश्रय स्थलों में करीब 6000 गोवंश पकड़कर बंद किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। पर हकीकत कुछ और ही है। शहर में न तो राहगीरों को राहत मिल पा रही और न गांव में किसानों को। कुछ अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों में जो गोवंश बंद किए गए हैं, उनके चारा-पानी व इलाज को लेकर भी लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इसके बावजूद फाइलों में सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा है।
नाले टैप न होने से सीधे गंगा में गिर रहा गंदा पानी
कुंभ शुरू होने से पूर्व मुख्यमंत्री ने गंगा में गिरने वाले नालों को टैप करने के आदेश दिए थे। इसके साथ ही शहर के कपड़ा छपाई कारखाने बंद रखने का फरमान जारी किया था। इस पर नजर रखने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम लगाई गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने इसके लिए खूब कवायद की। कारखानों के बिजली कनेक्शन कटवा दिए गए। पर, किसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने से कारखाने लगातार चल रहे हैं। नालों को भी बंद करने की तीन बार प्रशासन ने कोशिश की। पर कभी किसानों ने बांध खोल दिया तो कभी पानी के बहाव से बांध टूट गया। इसके बाद बायोरेमिडिएशन प्लांट लगाकर पानी साफ करने की कवायद की गई। पर अभी पांचाल घाट के निकट टोका घाट, भैरव घाट सहित कई नालों का गंदा पानी सीधे गंगा में गिर रहा है।
रोक के बावजूद पॉलिथीन का हो रहा इस्तेमाल
15 अगस्त 2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पॉलिथीन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी किया। इसके बाद कुछ दिन जिला प्रशासन ने छापेमारी अभियान चलाया। इसमें ठिलिया-खोमचे वालों सहित कई स्थानों में पॉलिथीन बरामद कर तीन लाख 80 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला। कई स्थानों पर व्यापारियों ने विरोध किया। इससे बनाई गई टीमें शांत हो गई और कुछ ही दिनों बाद अभियान ठंडा पड़ गया। इसके बाद अब फिर बाजार में सभी जगह फिर पॉलिथीन का खुलेआम इस्तेमाल होने लगा है। इन दिनों मेला श्रीरामनगरिया में भी पॉलिथीन का खूब इस्तेमाल हो रहा है। जिस पर किसी जिम्मेदार की नजर भी नहीं जा रही।