राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव जैनापुर स्थित एक भट्ठे पर मजदूरों को बंधक
बनाकर काम कराए जाने की शिकायत पर पहुंचे उप जिलाधिकारी अमृतपुर ने मजदूरों
को मुक्त कराया। इसके बाद पुलिस अभिरक्षा में मजदूरों को उनके घर भिजवाया।
गांव जैनापुर के ग्रामीणों ने शनिवार को जिला मुख्यालय आकर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कहा कि गांव जैनापुर
में
स्थित आशा ब्रिक फील्ड में भट्ठा मजदूरों को बंधक बनाकर कार्य कराया जा
रहा है। एडीएम ने एसडीएम अमृतपुर को इसकी जानकारी दी। एसडीएम पुलिस बल के
साथ भट्ठा पहुंचे। उन्होंने वहां काम कर रहे मजदूरों का दर्द सुना। मोहम्मद
वली निवासी राईखेड़ा थाना तिलहर जिला शाहजहांपुर, राजकुमार, रामदास, आसीन
निवासी हुसैनपुर थाना कटरा जिला
शाहजहांपुर, रवींद्र कुमार निवासी
खानपुर और महावीर निवासी कोटा ने आरोप लगाया कि ठेकेदार एवन सिंह उन लोगों
को चार हजार रुपये हफ्ता प्रति परिवार की दर से काम करने के लिए लाए थे।
भट्ठा मालिक गोपाल सिंह दो माह तक दो हजार रुपये प्रति परिवार के हिसाब से
देते रहे। इसके बाद एक हजार रुपये देने लगे। आवश्यकता पड़ने पर जब पैसा
मांगते
तो भट्ठा मालिक नहीं देते थे। आरोप लगाया कि भट्ठा मालिक
असलहों के बल पर बंधक बनाकर काम करवाते हैं। एसडीएम ने भट्ठे पर कार्य कर
रहे 12 परिवारों के 60 सदस्यों को मुक्त कराने के बाद पुलिस अभिरक्षा में
उन्हें उनके घर भिजवाया। साथ ही उन्होंने भट्ठा मालिक को सख्त हिदायत दी कि
दोबारा इस तरह की शिकायत मिली तो कार्रवाई की
जाएगी। एसडीएम ने
बताया कि भट्ठे पर कार्य कर रहे सभी 12 परिवारोें के 60 सदस्यों को मुक्त
कराकर उनके घर भिजवा दिया है। इसकी सूजना जिलाधिकारी को भी दे दी है। उधर,
भट्ठा मालिक गोपाल सिंह का कहना है कि लगाए गए आरोप गलत हैं। वह मजदूरों को
पूरा पैसा भुगतान करते थे और उनके साथ कोई जोर-जबरदस्ती नहीं करते थे।