फोटो-21 कलक्ट्रेट सभागार में बैठक करते जिलाधिकारी व अन्य। स्रोत सूचना विभाग
फर्रुखाबाद। बाढ़ की विभीषिका से ग्रामीणों को बचाने के लिए जनपद में गंगा किनारे 465 करोड़ से 49 किलोमीटर (किमी) तटबंध बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर विचार-विमर्श किया। जनप्रतिनिधियों ने 50 किलोमीटर तटबंध और बढ़ाने का सुझाव दिया।
गंगा की बाढ़ से हर वर्ष एक लाख से अधिक आबादी प्रभावित होती है। हजारों बीघा फसलें भी बाढ़ की विभीषिका की भेंट चढ़ जाती हैं। इसके अलावा सड़कें कटने से महीनों बाढ़ पीड़ितों का आवागमन भी बाधित हो जाता है। ग्रामीणों को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए भाकियू सहित कई संगठन वर्षों से गंगा किनारे तटबंध बनाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल शासन से तटबंध निर्माण की स्वीकृति मिल गई है।
पांचालघाट से शमसाबाद तक 29 किलोमीटर और इधर पांचालघाट से दुर्वासा ऋषि आश्रम से अमृतपुर क्षेत्र के गांव हुसैनपुर गूजरपुर तक 20 किलोमीटर तटबंध की अनुमानित लागत 465 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। इसे लेकर बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि तटबंध बनाने के लिए 29 प्रभावित ग्रामों में कितने गांव मड़ैया आदि से बसे है और कितनी आबादी है, इसकी जानकारी कर ली जाए।
जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव ने शमसाबाद में तटबंध की लंबाई 10 किलोमीटर और बढ़ाने का सुझाव दिया। कायमगंज विधायक प्रतिनिधि ने तटबंध जनपद कासगंज व बदायूं तक बनाने का सुझाव दिया। इसके लिए तटबंध की फिजिबिलटी और सर्वे कराने के बाद उसका विस्तार से सर्वे कराया जाए।
तटबंध बनने के बाद इससे होने वाले नुकसान का भी आकलन कर लिया जाए। इस मौके पर बैठक में सुधेश दुबे, गंगा विचार मंच जिला संयोजक भूपेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ विनोद कुमार गौड़, एडीएम अरुण कुमार सिंह, डीडीओ श्याम कुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।