फोटो-01, समैचीपुर गांव में गंगा के कटान के भय तोड़े गए मकानों का पड़ा मलवा। संवाद
शमसाबाद। गंगा नदी के कटान से बाढ़ क्षेत्र के समैचीपुर चितार गांव में ग्रामीण परेशान हैं। बाढ़ ने करीब 50 ग्रामीणों के मकान निगल लिए, इनमें 45 घर पूरी तरह से कटकर बह गए।
अचानक आई इस आपदा से ग्रामीण अपने टूटे घरों को छोड़कर सड़क और सुरक्षित स्थानों पर डेरा डालने को मजबूर हो गए। अब इन्हें नया आशियाना मिलेगा।
पीड़ितों की पीड़ा को देखते हुए राजस्व टीम मौके पर पहुंची। पीड़ितों के पुनर्वास की कवायद शुरू की। ग्राम प्रधान ताराबानो ने उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया। जिसके बाद क्षेत्रीय लेखपाल पंकज सिंह ने शमसाबाद-शाहजहांपुर मुख्य मार्ग पर चौरा हार गांव के सामने लगभग 18 बीघा खेत को सुरक्षित पुनर्वास स्थल के रूप में चिह्नित किया।
लेखपाल पंकज सिंह ने बताया कि पानी पूरी तरह उतरने के बाद नापजोख की जाएगी। ग्रामीणों की सहमति के आधार पर उन्हें नई जमीन पर घर बनाने की अनुमति दी जाएगी।