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Farrukhabad News: 41 स्कूली वाहनों की फिटनेस नहीं, बिना पंजीकरण के वाहन ढो रहे बच्चे

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फोटो-26 शहर के ठंडी सड़क पर स्कूली बच्चों को ले जाता टेंपो। संवाद
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फोटो-27 विकासनगर में स्कूली छात्र को उतारती वैन। संवाद

जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहा परिवहन निगम, खटारा टेंपो व अन्य वाहनों में बच्चों को खतरा बरकरार

संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। जिले में पंजीकृत 473 स्कूली वाहनों में 41 बिना फिटनेस के ही बच्चों को ढो रहे हैं। खटारा टेंपो, मैजिक, ई-रिक्शा बिना स्कूल वाहन में पंजीकरण के ही छात्रों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे। परिवहन विभाग जानबूझ कर इन्हें नजरअंदाज किए है। इससे स्कूली बच्चों को खतरा बरकरार है।
जिले में माध्यमिक, वित्तविहीन, सीबीएसई, आईसीएसई स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को लाने और ले जाने के लिए परिवहन विभाग में मात्र 473 वाहन ही पंजीकृत हैं। जबकि इन वाहनों में से 41 अभी भी ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस तक नहीं हुई है। यही नहीं बीच शहर से कई ऐसी बसें निकलती हैं, जिनकी खराब बैकलाइटें, टूटे शीशे, बिना सुरक्षा पाइप के खिड़कियां हैं। इसके अलावा जिले में 500 से अधिक ऐसे वाहन हैं, जिनका स्कूली वाहनों के रूप में परिवहन विभाग में पंजीकरण तक नहीं है। हालात ऐसे हैं कि हर दिन गली-मोहल्लों मुख्यमार्गों पर बिना व्यवसायिक वाहनों में पंजीकृत टेंपो, टैक्सी, ई-रिक्शा, मैजिक आदि वाहन स्कूली बच्चों को लेकर सड़कों पर दौड़ते हैं। इन वाहनों में बच्चों को लाने-ले जाने के एक भी मानक पूरे नहीं हैं। जिम्मेदार परिवहन विभाग ने अभी तक एक भी वाहन पर कार्रवाई करने की जरूरत नहीं समझी। यही कारण है कि इन वाहनों से कभी भी स्कूली बच्चों के जीवन को खतरा हो सकता है।
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लालगेट पर टेंपो का चेसिस टूटने से घायल हुए थे छात्र
करीब छह माह पहले फतेहगढ़ के एक नामीगिरामी स्कूल में पढ़ रहे छात्रों को लेकर खटारा टेंपो शहर की ओर जा रहे था। लालगेट तिराहे पर अचानक टेंपो का चेसिस टूट गया। इससे टेंपो में सवार पालिका कर्मी के पुत्र समेत पांच छात्रों को चोटें आई थीं। परिजनों ने निजी अस्पताल में इलाज कराया था।
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शीघ्र ही वाहनों के खिलाफ चलेगा अभियान
एआरटीओ प्रशासन कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि स्कूली वाहनों की चेकिंग का अभियान लगातार चल रहा है। बिना स्कूली वाहनों में पंजीकरण के बावजूद यदि बच्चों को ढोया जा रहा है, तो ऐसे वाहनों को भी शीघ्र अभियान चलाकर पकड़ा जाएगा।
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