फर्रुखाबाद। कादरीगेट थाने के सातनपुर मंडी के सामने स्थित पीसीएफ गोदाम की रोशनदान तोड़कर एनपीके खाद की 394 बोरी चोरी कर ली गईं। गोदाम की सफाई करते समय रोशनदान टूटी मिलने पर गिनती कराई, तब चोरी की जानकारी हुई। भंडार नायक ज्ञानेश कुमार की तहरीर पर अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। खाद की वास्तविक कीमत 11.42 लाख रुपये है।
इटावा के थाना सैफई के गांव नगला चतुरी निवासी भंडार नायक ज्ञानेश कुमार ने कादरीगेट थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि पीसीएफ गोदाम संख्या 2705 में इफ्को एनपीके की 17,870 बोरियों में 893.500 मीट्रिक टन खाद भंडारित थी। 22 मई को गोदाम को सफाई के लिए खोला तो पश्चिम दीवार का रोशनदान टूटा मिला। चोरी की आशंका पर जिला प्रबंधक अरुण कुमार सिंह ने अन्य स्टाफ के साथ गिनती कराई तो 17,476 बोरी मिली। इसमें खाद की 394 बोरी कम मिलीं। प्रबंधक को गोदाम संख्या डी-2709 के पीछे बाउंड्रीवॉल के किनारे खाद फैली मिली। जांच के बाद टूटे रोशनदान को ईंटों से चुनाई कर बंद करवा दिया गया। थानाध्यक्ष कपिल कुमार ने बताया कि तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच कर शीघ्र ही चोरों का पता लगाया जाएगा।
फरवरी में रखी गई थी खाद, एक मार्च को सत्यापन
पीसीएफ गोदाम परिसर में मौजूद भंडार नायक यतेंद्र कुमार ने बताया कि यह खाद फरवरी में रैक आने के बाद इसे गोदाम में रखा गया था। एक मार्च को अधिकारियों ने खाद का सत्यापन भी किया था। उस समय सब कुछ सही सलामत था। झाड़ियां होने की वजह से उधर लोगों का कम आना-जाना होता है।
सात फीट ऊंची जर्जर बाउंड्रीवॉल के ऊपर से ले जाने का दावा
गोदाम की जिस खिड़की से खाद की बोरियां निकालने का दावा किया गया, वह करीब दो गुणा ढाई फीट की है। यहां से जिस स्थान पर बाउंड्रीवॉल के दूसरी तरफ ले जाना बताया जा रहा, वहां की दूरी 100 मीटर से अधिक है। बाउंड्रीवॉल और गोदाम के बीच का रास्ता इतना संकरा है कि एक व्यक्ति ही जा सकता है। बाउंड्रीवॉल बेहद जर्जर है। उसकी ऊंचाई सात फीट है। ऐसे में दूसरी तरफ 50 किलो की बोरी ले जाना असंभव सा है।
चोरी के दौरान खेतों में भी खाद फैलने का दावा
कर्मियों का कहना है कि खेतों में ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप के टायरों के निशान बने हैं। खेतों में जो खाद के दाने फैले हैं, वह कट्टे ले जाते समय के हैं। चोरी का सच भले ही पुलिस की जांच में सामने आए, मगर घटना की स्क्रिप्ट लिखी-लिखाई लग रही है।
गोदाम व आसपास सीसीटीवी कैमरे तक नहीं
सुनसान जगह में बने गोदाम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। वहां कोई चौकीदार तक नहीं रहता है। इसके बाद भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए। आसपास कोई-कोई मकान भी ऐसा नहीं है, जिसमें सीसीटीवी कैमरे लगे हों।
एक बोरी की कीमत 2900 रुपये
चोरी हुई एनपीके की एक बोरी की वास्तविक कीमत 2900 रुपये है। इस पर किसानों को करीब 1000 रुपये प्रति बोरी सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में किसानों से एक बोरी के 1900 रुपये लिए जाते। अब चोरी होने के बाद क्लेम पूरा 2900 रुपये प्रति बोरी का होगा। इस तरह 394 बोरियों की कीमत 11,42,600 रुपये है।
फोटो-13 पीसीएफ गोदाम की वह खिड़की जिससे निकाली गई खाद। संवाद