परिजनों को वीरता पदक लगाते ब्रिगेडियर
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सिखलाई रेजीमेंट सेंटर की ओर से आयोजित पासिंग आउट परेड में शामिल 329 रिक्रूट शपथ लेकर सेना का अंग बने। कठिन परिश्रम व ट्रेनिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 रिक्रूटों को ब्रिगेडियर ने मेडल लगाकर सम्मानित किया।
शनिवार को सिखलाई रेजीमेंट सेंटर का चटर्जी ट्रेनिंग ग्र्राउंड एक बार फिर इतिहास का गवाह बना। मैदान पर रेजीमेंट सेंटर के 329 रिक्रूटों ने राष्ट्ररक्षा की शपथ ली। सुबह मैदान में सेना के बैंड की स्वर लहरियों के बीच जवानों ने उत्कृष्ट परेड का प्रदर्शन किया।
परेड में शामिल जवानों का अनुशासन देखते ही बनता था। समीक्षा अधिकारी ब्रिगेडियर कविंद्र सिंह ने परेड का निरीक्षण किया। सलामी मंच के सामने से गुजरी परेड के अनुशासन को देखकर मौजूद लोग ताली बजाए बिना नहीं रह सके।
जवानों के बदन पर सजी वर्दी कुछ अलग ही बयां कर रही थी। एडज्यूटेंट मेजर अनिल सरोत्रा ने जवानों को तिरंगे की कसम दिलाई। बैंड पर बज रही धुन हम अभी से क्या बताएं, क्या हमारे दिल में है, मौजूद लोगों को राष्ट्र प्रेम से ओत प्रोत कर रही थी। इस अवसर पर ब्रिगेडियर कविंद्र ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान किया गया कठिन परिश्रम लड़ाई के मैदान में काम आएगा।
उन्होंने कहा कि जवानों को देश की सरहदों के अलावा देश की आंतरिक सुरक्षा की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उच्च तकनीकी के साथ ली गई ट्रेनिंग से जवानों को किसी भी मोर्चे पर मात नहीं मिलेगी। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 रिक्रूटों को मेडल लगाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही परेड देखने आए जवानों के परिजनों को वीरता पदक देकर सम्मानित किया गया।