चिकित्सा विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही से सीएचसी में एक किशोर की मौत हो गई। उसके परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। हालांकि बाद में वह लोग किशोर का शव लेकर चले गए।
शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद थाना क्षेत्र के गांव कोठे निवासी शोभित(14) पुत्र राजेश अपनी बुआ के घर राजेपुर आया था। करीब एक सप्ताह से उसे बुखार आ रहा था। इस पर वह गांव में ही झोलाछाप आदि से इलाज करवाता रहा।
रविवार रात को उसकी हालत बिगड़ने पर उसकी बुआ का बेटा अरुण व दोस्त अंकुर भदौरिया उसे राजेपुर सीएचसी लाए। वहां ड्यूटी पर तैनात डाक्टर नहीं मिले। फार्मासिस्ट बीके दुबे ने उसकी हालात गंभीर देखकर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया।
इसके बाद अरुण ने फोन कर एंबुलेंस बुलाई। राजेपुर की एंबुलेंस खराब होने से अमृतपुर से मंगवाई गई। करीब एक घंटे बाद जब तक एंबुलेंस आई तब तक शोभित की मौत हो गई। इस पर अरुण व अंकुर ने अस्पताल में हंगामा किया।
हालांकि बाद में वह लोग शव लेकर चले गए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. प्रमित राजपूत ने बताया कि रात में इमरजेंसी में तईम साबिर की ड्यूटी थी। घटना के वक्त वह अस्पताल में नहीं थे। इसकी जांच की जाएगी।
बता दें कि राजेपुर सीएचसी की एंबुलेंस पिछले करीब एक माह से खराब है। उसे सही करवाने पर कोई ध्यान नहीं देता है। इसी के चलते घटना के समय अमृतपुर से एंबुलेंस मंगवानी पड़ी। जिसे आने में एक घंटे का समय लग गया। इसी के चलते शोभित की मौत हो गई।
राजेपुर सीएचसी में किशोर की मौत, हंगामा
ड्यूटी पर तैनात डाक्टर मौजूद नहीं थे, होगी जांच
परिजनों ने जिम्मेदारों पर लगाया लापरवाही का आरोप