यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में शिक्षक संगठन का बहिष्कार रोड़ा बन रहा है। शिक्षकों के न आने से मूल्यांकन को टोलियां पूरी नहीं बन पा रही हैं। दोनों केंद्रों पर दो दिन में 13966 कापियां जांची गई हैं, जो शिक्षक मूल्यांकन के लिए आ रहे हैं, उनकी ड्यूटी लगाकर टोलियों को बनाने का काम चल रहा है।
यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को जिले में दो केंद्र बनाए गए है। इंटरमीडिएट की कापियों के मूल्यांकन को रस्तोगी इंटर कालेज केंद्र बनाया गया है। इसमें करीब एक लाख दो हजार उत्तर पुस्तिकाएं आई हैं। इन कॉपियों को जांचने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 42 टोलियां बनाई गई थीं।
इसमें 410 शिक्षकों की परीक्षक के पद पर ड्यूटी लगाई गई। हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ केंद्र बनाया गया है। इसमें करीब 169061 कॉपियां आई हैं। इस केंद्र पर 88 टोली बनाई गई थीं। इसमें 857 शिक्षक परीक्षक के तौर पर तैनात किए गए थे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट ने पहले दिन से ही मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया था। इससे वित्तविहीन स्कूलों के जो शिक्षक टोलियों के उप प्रधान परीक्षक और परीक्षक बनाए थे, वह अधिकांश मूल्यांकन को केंद्रों पर नहीं आ रहे है।
इससे मूल्यांकन के लिए पूरी टोलियां बनकर काम शुरू नहीं हो पा रहा है। रस्तोगी इंटर कालेज में 42 टोलियों में से 27 टोलियां शनिवार को बन पाईं। इसमें 410 परीक्षकों में से दो सौ परीक्षक मूल्यांकन को उपस्थित हुए। उप प्रधान परीक्षक और परीक्षक न आने से 15 टोलियां पूरी नहीं हो पा रही हैं। इससे मूल्यांकन धीमी गति से चल रहा है।
दो दिन में इस केंद्र पर 4096 कापियों का मूल्यांकन हुआ। राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ में 88 टोलियों में से 42 टोली बन पाई है। इस केंद्र पर पहले दिन 8 मार्च को 2096 व दूसरे दिन 9 मार्च को 9870 कापियों का मूल्यांकन हुआ।
रस्तोगी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य संतोष त्रिपाठी ने बताया कि वित्त विहीन शिक्षक मूल्यांकन ड्यूटी में नहीं आ रहे है। इससे टोलियां पूरी गठित नहीं हो पाई है। जीआईसी फतेहगढ़ के उप प्रधानाचार्य महेश राजपूत ने बताया कि धीरे धीरे टोलियां बनाई जा रही है। मूूल्यांकन काम में जल्द तेजी आ जाएगी।
मूल्यांकन केंद्र राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ में विज्ञान और सामाजिक विषय की कापियों के मूल्यांकन में दिक्कत आ रही है। इनके शिक्षक न आने से टोली पूरी न होने से मूल्यांकन बहुत धीमे हो रहा है।
उप प्रधानाचार्य महेश राजपूत ने बताया कि एक टोली में एक उप प्रधान परीक्षक व नौ परीक्षक रखे जाते है। कुछ शिक्षकों के न आने से टोली नहीं बन पा रही है। इससे विज्ञान और सामाजिक विषय की कॉपियों को जंचवाने में दिक्कत आ रही है।
शिक्षक संगठन का बहिष्कार मूल्यांकन में बन रहा रोड़ा
दो दिन में 13966 कापियों का हुआ मूल्यांकन
शिक्षकों के अभाव से पूरी नहीं बन पा रही टोलियां