शहर के रेलवे रोड पर बीच सड़क पर बना मठराया देवी मंदिर। संवाद
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रास्ते में अवरोध बने जनपद के 31 धार्मिक स्थलों को चिह्नित कर सूची शासन को भेज दी गई है। इसमें सर्वाधिक धार्मिक स्थल शहर के हैं। संबंधित एसडीएम को स्वयं भौतिक सत्यापन कर ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं।
रास्ते में बने धार्मिक स्थलों को हटाकर दूसरे स्थानों पर शिफ्ट करने के उच्च न्यायालय ने आदेश दिए हैं। इसके तहत शासन के निर्देश पर जनपद में सड़क किनारे, बीच में, पटरी व चकमार्ग पर बने धार्मिक स्थलों को चिह्नित किया गया। रास्ते में आने वाले जिले में कुल 31 धार्मिक स्थलों में सर्वाधिक शहर के हैं।
इसमें रेलवे रोड स्थित मठिया देवी मंदिर, लालगेट स्थित मस्जिद के आगे मजार, मोहल्ला नाला मछरट्टा स्थित मंदिर, घोड़ा नखास जाने वाले रास्ते पर बना मंदिर आदि शामिल हैं। इसके अलावा कमालगंज में इमाम चौक, शिव मंदिर का चबूतरा भी रास्ते की भूमि पर बना होने से चिह्नित किया गया है।
सर्वाधिक धार्मिक स्थल पीडब्लूडी व नगर निकाय की भूमि पर बनाए गए हैं। निर्माण के दौरान विभागीय जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इससे विभागीय लापरवाही की भी बात सामने आ रही है। एडीएम विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि रास्ते में आने वाले जिले के 31 धार्मिक स्थलों की सूची शासन को भेजी गई है।
शासनादेश के अनुसार धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए एसडीएम, ईओ व पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए हैं। इससे पूर्व उन्हें एक बार फिर भौतिक सत्यापन करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में विभागीय लापरवाही के चलते रास्ता व सरकारी भूमि पर धार्मिक स्थल बनाकर अतिक्रमण करने का मामला सामने आया है।