फर्रुखाबाद। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जिले में इस बार 26 नए कॉन्वेंट स्कूल आरटीई पोर्टल से जोड़ लिए गए हैं। इससे करीब 520 सीटें और बढ़ जाएंगी। इसका लाभ गरीब बच्चों को मिलेगा।
सरकार का जोर है कि कॉन्वेंट स्कूलों में गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिल सके। इसके लिए आरटीई के तहत हर वर्ष प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरटीई के तहत रिक्त रहती हैं। शासन को शिकायतें मिलती रहती थीं कि कई स्कूल विभागीय कर्मचारियों से साठगांठ कर स्कूल पोर्टल पर दर्ज ही नहीं कराते। इस पर शासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए आदेश दिए थे कि शत-प्रतिशत कॉन्वेंट स्कूलों का आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाए।
जिले में इसके तहत 26 नए कॉन्वेंट स्कूल आरटीई पोर्टल पर पंजीकृत किए गए हैं। पिछले साल जहां पोर्टल पर 632 स्कूल दर्ज थे। वहीं इस वर्ष 658 स्कूल पोर्टल पर दर्ज हैं। 26 स्कूल बढ़ने से करीब 520 सीटें बढ़ जाएंगी। पिछले वर्ष जहां करीब 2477 सीटें थीं। अबकी बार सीटों की संख्या बढ़कर करीब तीन हजार पहुंच जाएगी। पटल प्रभारी विशाल गगन ने बताया कि अबकी बार 26 स्कूल आरटीई पोर्टल में बढ़े हैं। इससे करीब 520 सीटें बढ़ जाएंगी।
क्या है आरटीई
आरटीई के तहत कॉन्वेंट स्कूलों में नर्सरी व कक्षा एक में 25 प्रतिशत सीटें गरीबों के लिए रिक्त होती हैं। इनमें चयनित होने वाले बच्चे को कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा आठ तक मुफ्त शिक्षा दी जाती है। हर वर्ष अभिभावक के खाते में बच्चे की यूनीफॉर्म, जूता-मोजा आदि खरीद के लिए 5000 रुपये सरकार भेजती है। स्कूल की फीस भी सरकार ही वहन करती है।