फर्रुखाबाद। बिना सूचना के ड्यूटी से गैरहाजिर हो जाने से डिपो को 2.20 लाख रुपये का चूना लगा। एआरएम ने इसके लिए दोषी 14 परिचालकों के देयकों से 93 हजार रुपये वसूलने के आदेश दिए हैं।
अप्रैल माह में रोडवेज डिपो में तैनात परिचालक बिना किसी पूर्व सूचना के दो दिन गैरहाजिर हो गए। इससे डिपो की दिल्ली और आगरा रूट पर चलने वाली 14 बसों को निरस्त करना पड़ा। यात्रियों को दिक्कतों के साथ डिपो को 2,20,516 रुपये के राजस्व की हानि हो गई। एआरएम ने सभी 14 परिचालकों से बिना पूर्व सूचना के ड्यूटी से गायब होने की जानकारी की। किसी ने भी जवाब नहीं दिया। इसके बाद एआरएम ने आर्थिक रूप से दंड निर्धारित कर दिया।
एआरएम ने परिचालक संजीव कुमार, प्रमोद सिंह तृतीय, सुदीप कुमार, रामू कुमार, श्यामवीर द्वितीय, प्रमोद कुमार द्वितीय व सुमंत बाबू पर 10-10 हजार, राजवीर सिंह, अभिनव, कर्मवीर राजपूत से दो-दो हजार, राजेंद्र मिश्रा से छह हजार, अनुरोध कुमार से तीन हजार, अवधेश पाल से सात हजार, विमल कुमार से एक हजार रुपये की देयकों से दंड स्वरूप कटौती के आदेश दिए। इसकी सूचना मुख्यालय भी भेज दी गई है। एआरएम आरसी यादव ने बताया कि निगम को नुकसान तो हुआ ही है। यात्रियों को भी दिन-दिन भर बस अड्डा पर भटकना पड़ा। सख्ती की जरूरत है। परिचालकों की कमी है। लिहाजा जो भी ड्यूटी पर आता है सभी को रूट पर भेज दिया जाता है।
डिपो में कई बार चालक दिन भर बैठा रहता और परिचालक नहीं आता, तो कभी परिचालक आ जाते और उसकी बस पर चालक नहीं मिल पाता। इसी वजह से भी बसें निरस्त हो जाती हैं।