फर्रुखाबाद। अनुदानित विद्यालयों पर सरकार ने शिकंजा कसते हुए निर्णय लिया है कि 100 से कम बच्चे होने पर स्कूल में प्रधानाध्यापक पद खत्म कर दिए जाएगा। जहां संख्या ज्यादा होगी वहीं पद बना रहेगा। इसके साथ ही अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों की तरह जनशक्ति योजना लागू की जाएगी। इस संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बीसए को जानकारी दी गई है।
जिले में संचालित प्राइमरी व पूर्व माध्यमिक अशासकीय सहायता प्राप्त (अनुदानित) विद्यालयों पर भी प्रदेश सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में 100 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद को समाप्त किया गया था। अब अशासकीय सहायता प्राप्त वाले प्राइमरी व जूनियर स्कूल में भी प्रधानाध्यापक के पद समाप्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
बीएसए रामसिंह ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि अशासकीय सहायता प्राप्त जिन विद्यालयों में छात्र संख्या 100 से कम है, वहां प्रधानाध्यापक का पद नहीं रहेगा। जहां प्रधानाध्यापक तैनात हैं, उनके सेवानिवृत्त होने के बाद वहां नए प्रधानाध्यापक की तैनाती नहीं होगी। वहां के सहायक अध्यापक को विद्यालय का चार्ज दिया जाएगा। जिस विद्यालय में 100 या इससे अधिक की छात्रसंख्या है। वहां प्रधानाध्यापक की तैनाती की जाएगी। इस तरह के विद्यालयों की सूची तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है।