ग्रामीण इलाकों में खेतों के ऊपर से 11 केवी लाइन निकली है। जर्जर होने से तेज हवा चलने पर तार आपस में टकराते हैं। इससे निकली चिंगारी गिरने से फसल में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। इसके चलते ही गंगापार क्षेत्र के तीन सौ गांवों की दोपहर में बिजली गुल कर दी गई। गर्मी से गांवों के लोग दोपहर में बेहाल रहे।
गंगापार क्षेत्र के करीब तीन सौ गांवों को चार विद्युत उपकेंद्रों से बिजली दी जाती है। कई गांवों में कई किसानों के खेतों के ऊपर से 11 केवी की लाइन निकली है। तार जर्जर होने से झूल रहे हैं। इनके आपस में टकराने से गिरने वाली चिंगारी से आए दिन फसल में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं।
इससे रविवार को चारों उपकेंद्रों से गांवों को दी जाने वाली बिजली दोपहर में बंद कर दी गई। इससे गांवों की बिजली पूरे दिन गुल रही। गर्मी से लोग घरों में बेहाल रहे। एक्सईएन ग्रामीण रमेश चंद्र ने बताया कि आग की घटनाएं अधिक हो रही हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है।
दोपहर में बिजली आवश्यकता अनुसार बंद करा दी जाती है। ताकि आग की घटनाओं पर अंकुश लग सके और किसानों का अहित न हो।
11 केवी का तार टूटने से 40 गांवों की बिजली बंद हो गई। तार न जोड़े जाने से दिन भर बिजली गायब रही। इससे बूथों पर भी बिजली नहीं आई।
हरसिंहपुर फीडर से करीब 40 गांवों को बिजली दी जाती है।
रविवार दोपहर करीब 12 बजे 11 केवी का तार टूट गया। इससे गांवों की बिजली गुल हो गई। इस फीडर पर कई बूथ हैं। इन बूथों पर बिजली व्यवस्था चेक होनी थी। बिजली न आने से बूथों पर बिजली चेक नहीं हो पाई। इसकी जानकारी पर कर्मचारियों को टूटे तार जोड़ने के लिए लगाया गया। देर शाम तक बिजली बंद रही।
गंगापार के तीन सौ गांवों की बिजली रही गुल
तेज हवा चलने से कर दी गई बंद