फर्रुखाबाद। चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चारों ओर चुनाव पर चर्चा हो रही है। नेता हो या अभिनेता टीवी पर या कहीं और चुनाव की चर्चा करते नजर आ जाते हैं। लेकिन हाईटेक चुनाव प्रचार के दौर में नेता और जनता का जुड़ाव कम होता जा रहा है। मंगलवार से चुनाव प्रचार शुरू हो रहा है। इसके बावजूद अब तक कोई नेता गली, मोहल्लों या फिर गांवों में घूमते नजर नहीं आया है।
फर्रुखाबाद लोकसभा सीट पर चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होना है। मतदान की तैयारियां प्रशासन कर रहा है लेकिन उम्मीदवारों में अभी सन्नाटा छाया हुआ है। अभी छिटपुट प्रत्याशी ही कभी-कभार आम जनता को दिख रहे हैं। उम्मीदवार अब हाईटेक प्रचार माध्यमों पर अधिक भरोसा कर रहे हैं, लेकिन इसके चक्कर में उनकी जनता से दूरी बढ़ती जा रही है। जिले में प्रमुख दलों भाजपा, सपा-बसपा गठबंधन, कांग्रेस पार्टी और प्रसपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। भाजपा से निवर्तमान सांसद मुकेश राजपूत, बसपा-सपा गठबंधन से लोकसभा प्रभारी बनाए गए मनोज अग्रवाल को टिकट दिया गया है। वहीं, प्रसपा से कंपिल चेयरमैन उदयपाल यादव और कांग्रेस पार्टी से पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद चुनाव मैदान में हैं। यह सभी बहुत कम ही मैदान में दिख रहे हैं।
सोशल साइट्स व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्विटर पर ही केवल प्रत्याशियों की उपस्थिति ज्यादा दर्ज हो रही है। मतदाता भी हैरान हैं कि उम्मीदवार अभी तक आए नहीं, न ही उनके किसी प्रतिनिधि ने उनसे संपर्क किया। इतना ही नहीं, प्रत्याशियों के नाम पर जो लोग उनसे मिलने आते थे, वह भी एकदम से भूमिगत हो गए हैं। पार्टियों की उपस्थिति भी एकदम से कम हो गई है। न तो कहीं झंडा दिख रहा है और न ही कहीं किसी प्रकार का प्रचार हो रहा है।
मतदाताओं का कहना है कि मोबाइल पर जरूर कुछ मैसेज आते हैं लेकिन चुनाव में यदि प्रत्याशी घर पर न आए तो मजा नहीं आता और जनसंपर्क का मतलब भी मोबाइल से पूरा नहीं होता है।
गढ़ी गांव निवासी मंगूलाल ने बताया कि उनकी 80 साल से ज्यादा उम्र है। अभी तक जाने कितने ही चुनाव देख लिए। लेकिन जिस तरह से इस चुनाव में शांति पसरी है, ऐसा कभी नहीं देखा। अब तक तो झंडा बैनर से घर पट जाता था लेकिन इस बार कोई नेता ही नहीं दिखाई दे रहा है।