फर्रुखाबाद। मसेनी चौराहे पर एक अस्पताल में सोमवार को सीएमओ ने छापा मारा। वहां 16 मरीज मिले जिनका इलाज 12वीं पास संचालक के भरोसे किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि अस्पताल बिना डॉक्टर के चल रहा है और यहां ऑपरेशन भी होते हैं। सीएमओ ने ओटी सील कर यहां भर्ती मरीजों को लोहिया अस्पताल भेज दिया है।
शहर से सटे गांव खानपुर निवासी स्वदेश कुमार ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की। इसमें कहा कि उन्होंने पत्नी सावित्री को प्रसव के लिए मसेनी चौराहा स्थित श्रीकृष्णा हास्पिटल में भर्ती कराया था। बीती 19 जनवरी को पत्नी का ऑपरेशन कर प्रसव कराया गया। ऑपरेशन के बाद कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। अस्पताल संचालक ही इलाज करता रहा। सही इलाज न होने से पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। रेफर करने पर वह आवास विकास तिराहा स्थित दूसरे निजी अस्पताल में ले गए। वहां पत्नी की 22 जनवरी को मौत हो गई।
स्वदेश ने गलत इलाज करने के मामले में श्री कृष्णा हास्पिटल के संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत पर सीएमओ ने सोमवार सुबह अस्पताल में छापा मारा। इस दौरान अस्पताल में 16 मरीज भर्ती थे। इनमें कई मरीजों के ऑपरेशन भी हुए थे। कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला।
मरीजों का उपचार कर रहे संचालक सुरेंद्र कुशवाहा से सीएमओ ने डिग्री के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि 12वीं पास हैं।
बताया कि ऑनकॉल सर्जन डॉ.एके गुप्ता ऑपरेशन करने आते हैं। सीएमओ ने कहा कि पंजीकरण में व पर्चे पर डॉ.एके गुप्ता का नाम तक नहीं है।
पंजीकरण में दर्ज एमबीबीएस डॉ.मानेंद्र सिंह चौहान ऑपरेशन के लिए अधिकृत नहीं हैं। दूसरे बीएएमएस डॉ.अमित कुमार वर्मा भी अस्पताल में नहीं थे।
इस पर सीएमओ ने पुलिस बुलाने के बाद अस्पताल की ओटी सील कर दी। कुछ मरीजों को एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल भेजा। शेष मरीजों को डेढ़ घंटे मोहलत देकर दूसरे अस्पताल में भेजने के निर्देश दिए। सीएमओ के साथ डॉ.शेखर यादव, फार्मासिस्ट आशीष शुक्ला मौजूद रहे।