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मुकेश की जीत से लोधी के विश्वास का और गाढ़ा हुआ भगवा रंग

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फर्रुखाबाद संसदीय सीट पर भाजपा के लिए लोधी प्रत्याशी ही लकी है। मुकेश राजपूत की बंपर जीत ने साबित कर दिया कि भाजपा का लोधी समाज से यहां प्रत्याशी लड़ाना सही निर्णय साबित होता रहा है। इससे पहले भी जिले की जनता ने पार्टी के साथ ही लोधी समाज के प्रत्याशी पर ही भरोसा जताया है।
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दो बार साक्षी महाराज ने यहां भाजपा को जीत दिलाई। अब पिछले दो चुनाव से मुकेश भाजपा की झोली में फर्रुखाबाद की सीट डाल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी का गठन 6 अप्रैल 1980 को हुआ था। इसके बाद फर्रुखाबाद संसदीय सीट से पहला चुनाव 1984 में दयाराम शाक्य ने लड़ा।


वह दूसरे स्थान पर रहे उन्हें कुल मतों के 24.43 फीसद वोट मिले थे। इसके बाद 1989 में हुए चुनाव में भी भाजपा ने दयाराम शाक्य को ही मैदान में उतारा। पर वह जीत हासिल नहीं कर सके। वह तीसरे स्थान पर रहे और कुल मतों उन्हें 26 फीसद वोट मिले थे।
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हालांकि दयाराम शाक्य इससे पहले 1977 में बीएलडी से और 1980 में जनता पार्टी से जीतकर संसद जा चुके थे। इसके बाद 1991 के चुनाव में भाजपा ने फिर पिछड़ी जाति पर ही यहां दांव लगाया और वीरेंद्र सिंह कटियार को टिकट दिया।


इस चुनाव में भाजपा फर्रुखाबाद में तीसरे स्थान पर रही और कुल 20.77 फीसद मत मिले। 1996 में भाजपा ने लोधी प्रत्याशी को एटा से लाकर फर्रुखाबाद में उतार दिया और सच्चिदानंद साक्षी महाराज ने यहां पहली भाजपा का परचम बुलंद किया।


1998 के चुनाव में भी भाजपा ने यहां सच्चिदानंद साक्षी पर ही भरोसा जताया, तो फिर जीत हासिल हुई। 1999 के चुनाव में साक्षी की भाजपा से अनबन होने के चलते फिर पार्टी ने लोधी प्रत्याशी पर ही दांव लगाया और प्रो. रामबक्स वर्मा को टिकट दे दिया।


पर वह यहां पार्टी को जीत नहीं दिला सके। उन्हें कुल 25.34 फीसद ही वोट मिले थे। 2004 के चुनाव में भी पार्टी ने मुकेश राजपूत को टिकट दे दिया। पर मुकेश कुछ खास नहीं कर पाए और तीसरे स्थान पर रहे। दो चुनाव में लोधी प्रत्याशी भाजपा को यह सीट नहीं दिला सका तो पार्टी ने 2009 के चुनाव में वैश्य समाज पर भरोसा जताया और मिथलेश अग्रवाल को मैदान में उतार दिया पर वह हार गईं।


उन्हें 19.30 फीसद ही वोट मिले। 2014 में भाजपा ने फिर लोधी प्रत्याशी पर विश्वास किया और मुकेश राजपूत को टिकट दे दिया। इस पर मुकेश खरे उतरे और भाजपा की झोली में फर्रुखाबाद की सीट डाल दी। इसके चलते भाजपा ने 2019 में मुकेश को फिर चुनावी रण में मौका दिया। इस बार वह 2014 से भी अधिक मतों से जीते। इससे इससे लोधी समाज की राजनीति को और बल मिला है।
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सीधा पड़ा भाजपा का लोधी प्रत्याशी का दांव

इससे पहले दो बार साच्चिदानंद साक्षी महाराज जीते

अब मुकेश ने दूसरी बार लगातार दर्ज की जीत



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