फर्रुखाबाद। गरीब परिवार की छात्राओं के लिए शमसाबाद व कमालगंज में बनवाए गए छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था ने इनको विभाग के हैंडओवर नहीं किया। इससे इनका संचालन लटका हुआ है। शासन ने शीघ्र कर्मचारियों की संविदा पर तैनाती कर छात्रावासों का संचालन किए जाने के आदेश दिए हैं।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं में अधिकांश छात्राएं कक्ष आठ पास करने के बाद घर चली जाती हैं। दूर-दराज स्कूल होने और उनको आने जाने में दिक्कत होने से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती हैं। ऐसी छात्राओं की पढ़ाई में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए शासन ने शमसाबाद रजलामई और कमालगंज बीबीपुर में 100-100 छात्राओं की क्षमता वाले बालिका छात्रावास का निर्माण शुरू कराया था। शमसाबाद रजलामई में वर्ष 2010-11 में छात्रावास के निर्माण को माध्यमिक शिक्षा महा अभियान के तहत स्वीकृति मिली थी।
इसके लिए करीब 1.72 करोड़ रुपये शासन से मिले थे। निर्माण का काम यूपीपीसीएल को दिया गया था। कार्यदायी संस्था ने निर्माण पूरा कर अभी तक छात्रावास के भवन को माध्यमिक शिक्षा विभाग के हैंडओवर नहीं किया है। वर्ष 2015-16 में कमालगंज के बीबीपुर में 100 छात्राओं के रहने की क्षमता वाले छात्रावास का निर्माण कराने की स्वीकृति मिली और 1.72 करोड़ रुपये मंजूर हुए। यूपीपीसीएल को काम दिया गया। दोनों स्थानों के बालिका छात्रावास का निर्माण पूरा हो गया है। कार्यदायी संस्था ने हैंडओवर नहीं किया। राज्य परियोजना निदेशक संध्या तिवारी ने दोनों बालिका छात्रावास का शीघ्र संचालन किए जाने का आदेश दिया है।
कमालगंज में बने छात्रावास में पांच हजार रुपये प्रति माह मानदेय पर एक वार्डन, तीन हजार रुपये प्रति माह मानदेय पर मुख्य रसोइया और ढाई हजार रुपये प्रति माह मानदेय पर सहायक रसोइया तथा तीन हजार रुपये में चौकीदार की संविदा पर तैनात किए जाने के आदेश राज्य परियोजना निदेशक ने दिए हैं। इन छात्रावास में कक्षा नौ व दस में पढ़ने वाली छात्राओं को रहने का लाभ दिया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एंव लेखाधिकारी राजीव मिश्रा ने बताया कि दोनों जगह के बालिका छात्रावास का भवन तैयार हो गया है। संस्था ने अभी तक रिपोर्ट नहीं दी है। हैंडओवर मिलने के बाद इनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।