फर्रुखाबाद। अब चीनी मिल की गंदगी इलाके के लोगों के लिए परेशानी का सबब नहीं रहेगी, बल्कि उनके खेत लहलहाएंगे। कायमगंज स्थित चीनी मिल में बायोकंपोस्ट पर आधारित जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट का काम शुरू हो गया है। इससे चीनी मिल की गंदगी का उपयोग खाद बनाने के लिए किया जाएगा।
सरकार ने हाल ही में उत्तर प्रदेश की छह सहकारी संघ की चीनी मिलों अनूप शहर, घोसी, नानपारा, संपूर्णानगर, ननौता और कायमगंज में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज संयंत्र लगवाने को कहा है। कायमगंज चीनी मिल में इसका काम भी शुरू हो गया है। यह संयंत्र लगने के बाद चीनी मिल के आसपास के गांव में रहने वाले ग्रामीणों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। सबसे पहले तो उन्हें चीनी मिल से निकलने वाले गंदे पानी से निजात मिलेगी। इसकी दुर्गंध से ग्रामीणों को बहुत समस्या होती थी। इससे उन्हें निजात मिल जाएगी।
20 करोड़ की लागत से बन रहा है संयंत्र
कायमगंज चीनी मिल के अधिकारियों ने बताया कि मिल में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज संयंत्र 20 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने धन आवंटित किया है। वहीं से इसे बनाने का काम दिल्ली की कंपनी उत्तम एनर्जी को दिया गया है।
आठ माह में बन जाएगा प्लांट
इस प्लांट को बनाने के लिए उत्तम एनर्जी को आठ माह का समय दिया गया है। इस हिसाब से अगले पेराई सत्र से पहले जीरो लिक्विड डिस्चार्ज संयंत्र चालू हो जाएगा। हालांकि इसकी डिस्टलरी के लिए बनाए जाने वाले तालाबनुमा जगह का काम आबकारी विभाग ने रुकवा दिया है। क्योंकि इसके लिए परमीशन नहीं ली गई थी। अब इसकी अनुमति आदि लेने का काम चल रहा है।
सस्ते दाम में मिलेगी खाद
चीनी मिल के जीरो लिक्विड डिस्चार्ज से बनने वाली बायोकंपोस्ट खाद किसानों को सस्ते दामों में उपलब्ध कराई जाएगी। यह खाद फसल के लिए ज्यादा अच्छी रहेगी।
कोट
चीनी मिल में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सयंत्र का काम शुरू हो चुका है। इसकी जिम्मेदारी उच्चाधिकारियों ने दिल्ली की एक कंपनी को दी है। अगले पेराई सत्र तक यह संयंत्र काम करने लगेगा। - डीके सक्सेना, जीएम, सहकारी चीनी मिल कायमगंज