फर्रुखाबाद। गरीबों के निवाले पर हर किसी की नजर है। उनके ही निवाले से कई जिम्मेदारों की तिजोरियां भर रही हैं। जनपद में एफसीआई के सात गोदाम हैं। सभी पर डिपो से जो अनाज के पैकेट पहुंचते हैं, उनका वजन कभी पूरा नहीं होता है। 52 किलो के पैकेट में 47 से 50 किलो राशन निकलता है। इस बात की पुष्टि एसडीएम के निरीक्षण में भी कई बार हो चुकी है। पर कार्रवाई किसी पर नहीं हुई है। अकेले कमालगंज के गोदाम पर ही प्रति माह औसतन छह लाख रुपये की घटतौली होती है। इस तरह जनपद के सातों गोदामों पर करीब 42 लाख रुपये का गरीबों का राशन हजम हो जाता है।
कमालगंज-जहानगंज रोड स्थित एफसीआई गोदाम में अंत्योदय कार्ड धारकों के लिए लगभग 820.80 क्विंटल चावल, 1094.60 क्विंटल गेहूं, पात्र गृहस्थी के लिए 3206.54 क्विंटल चावल और 4809.81 क्विंटल गेहूं का आवंटन जिला मुख्यालय से किया जाता है। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग दस हजार क्विंटल अनाज (20,000 पैकेट) हर माह गोदाम पर आता है। इसमें प्रति पैकेट चार से पांच किलो कम होता है। इसकी पुष्टि अधिकारियों के निरीक्षण में हो चुकी है।
कसबा के मोहल्ला प्रताप नगर निवासी धर्मेंद्र कुमार की शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम ईशान प्रताप को निरीक्षण में पैकेट में 47 से 50 किलो तक अनाज ही मिला था। सूत्रों की मानें तो बीस हजार पैकेट में औसतन दो किलो भी अनाज कम माना जाए तो भी गोदाम में 40 हजार किलो यानी चार सौ क्विंटल अनाज का हेरफेर होता है, जबकि राशन कोटेदारों को लिखापढ़ी में एक पैकेट में 52 किलो अनाज दिया जाता है। 40 हजार किलो अनाज बिचौलियों के हाथों बाजार में बेच दिया जाता है। इसका बाजार में मूल्य लगभग छह लाख रुपये तक होता है। यह पैसा राजनैतिक व्यक्ति से लेकर नीचे से ऊपर अधिकारियों तक बांटा जाता है। इसी का नतीजा है कि गरीबों की कहने वाला कोई नहीं है। एक क्विंटल गेहूं का भाव बाजार में 1700 रुपये है।
जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी: एसडीएम
एसडीएम सदर अमित आसेरी ने बताया कि उन्होंने गोदाम का निरीक्षण किया था। व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। पैकेट में अनाज कम पहुंचता है, इसकी जानकारी नहीं थी। जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी हो रही है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।