फर्रुखाबाद। कानपुर-फतेहगढ़ मार्ग को हरा-भरा करने योजना बना ली गई है। काली नदी पुल से फतेहगढ़ तक तीस हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। ग्रीन बेल्ट योजना के तहत इसके लिए प्रोेजेक्ट तैयार कर लिया गया है।
कानपुर-फतेहगढ़ मार्ग पर जनपद की सीमा काली नदी पुल से फतेहगढ़ जिला जेल चौराहे तक यूकेलिप्टस के पेड़ खड़े थे। इससे काफी हरियाली थी। पिछले दिनों यह सभी पेड़ वन विभाग ने कटवा दिए। इससे इस मार्ग पर अब यूकेलिप्टस का एक भी पेड़ नहीं बचा है। कुछ अन्य पेड़ ही हैं। इससे इस मार्ग पर छाया की समस्या हो गई है। साथ ही वातावरण को भी एक साथ लगभग ढाई हजार यूकेलिप्टस के पेड़ कटने से नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए वन विभाग ने इस मार्ग को ग्रीन बेल्ट योजना में शामिल कराया है। इस इस मार्ग पर पौधरोपण की योजना बना ली गई है।
खुदागंज स्थित काली नदी पुल से फतेहगढ़ तक तीस हजार से अधिक नीम, पाकड़, शीशम, जामुन, अर्जुन व सागौन आदि चौड़ी पत्ते वाले पौधे लगाए जाएंगे। पौधे सुरक्षित रहें। इसके लिए उनकी पक्की गार्डिंग कराई जाएगी। इसकी कार्य योजना बनाकर शासन को भेज दी गई है। वहां से बजट मिलने पर जुलाई में पौधरोपण कराया जाएगा। इससे पहले पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदे जाएंगे।
15 साल से अधिक उम्र के यूकेलिप्टस काटे गए
15 साल में यूकेलिप्टस का पेड़ तैयार हो जाता है। इसके बाद उन्हें काटा जा सकता है। यदि यूकेलिप्टस के पेड़ की उम्र अधिक हो जाती है तो उसकी लकड़ी भी खराब होने लगती है। साथ ही यूकेलिप्टस पानी भी अधिक पीता है। आसपास की भूमि भी खराब होती है। इससे नुकसान होता है। इसके चलते अब इस मार्ग पर चौड़ी पत्ते वाले पौधे लगाए जाएंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
डीएफओ पीके उपाध्याय ने बताया कि फतेहगढ़-कानपुर मार्ग पर जो पेड़ काटे गए उनकी उम्र 15 वर्ष से अधिक हो गई थी। इससे उन्हें काटा गया। जुलाई में वहां पौधे लगाने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली गई है। ग्रीन बेल्ट योजना के तहत प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।