फर्रुखाबाद। इस बार पहले सरकार नेे बोनस कम किया इसके बाद अब एनआईसी की शिफ्टिंग में कर्मचारियों का बोनस फंसता नजर आ रहा है। दिवाली से पहले कर्मचारियों को बोनस की उम्मीद नहीं दिख रही है। दिवाली पर सभी को वेतन मिल जाए इसके लिए कोषागार के अधिकारियों व कर्मचारियों ने रात 11 बजे तक काम कर लगभग सभी विभागों के वेतन के बिल पास कर दिए हैं।
प्रत्येक वर्ष सरकार कर्मचारियों को दिवाली पर बोनस देती है। इस बार यह बोनस दिवाली के बाद मिलने के आसार हैं। दरअसल जिले का एनआईसी कार्यालय शिफ्ट हो रहा है। पहले यह कलक्ट्रेट के पीछे बने भवन में था। अब इसे यहां से कलक्ट्रेट के एक नंबर गेट के सामने बने पुराने डीएसओ कार्यालय में शिफ्ट किया जा रहा है। एनआईसी से ही कोषागार को नेटवर्क दिया जाता है। इससे शनिवार, रविवार व सोमवार को कोषागार में ऑनलाइन काम नहीं हो पाया। सोमवार को कार्यालय शिफ्ट होने के बाद यदि सब कुछ ठीक रहा तो मंगलवार को सभी कार्यालयों के बिल कोषागार में पास किए जाएंगे। यदि इसमें कोई समस्या रही तो कोषागार बिल पास नहीं कर पाएगी।
पोर्टल की स्पीड भी अड़चन
पोर्टल की स्पीड भी बोनस में अड़चन बन सकती है। जब से कोषागार में ई-कुबेर प्रणाली लागू हुई है तब से ही कोषागार का पोर्टल स्पीड नहीं दे रहा। इससे बिल पास होने में समस्या आ रही है। अब यदि मंगलवार को भी यही हालात रहे तो बोनस आना लगभग नामुमकिन है।
25 प्रतिशत ही मिलना है बोनस
सूबे की सरकार ने इस बार कर्मचारियों के बोनस में अप्रत्यक्ष कटौती की है। दरअसल पिछले कुछ सालों से कर्मचारियों को पचास प्रतिशत धनराशि मिल जाती थी। बची हुई पचास प्रतिशत जीपीएफ में जाती थी। इस बार 25 प्रतिशत बोनस ही कर्मचारियों को दिया जाएगा। बाकी का 75 प्रतिशत उनके जीपीएफ में जाएगा।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
शनिवार से एनआईसी शिफ्टिंग होने से बिल पास नहीं हो रहे हैं। मंगलवार को सब कुछ ठीक रहा तो कोषागार में सभी के बिल लिए जाएंगे। साथ ही पास भी होंगे। - अतुल तिवारी, ट्रेजरी आफीसर