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एक माह बाद खुला डूडा कार्यालय का लेखाकार कक्ष

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फर्रुखाबाद। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय के लेखाकार के निलंबित होने के बाद उनके कक्ष का ताला नगर मजिस्ट्रेट ने एक माह खोल दिया। निलंबन के दो दिन बाद लेखाकार के चाबी देने का पत्र रिसीव करने पर उन्होंने कार्यालय के पत्र डिस्पैचर (कर्मचारी) को फटकार लगाई।
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लापरवाही के आरोपों पर चार अक्तूबर को डूडा के लेखाकार को शासन ने निलंबित कर दिया था। सस्पेंशन के दौरान कार्यालय में लेखाकार का ताला लगा था। बताते हैं कि सस्पेंड होने के दो दिन बाद लेखाकार ने वहां पहुंचकर कार्यालय की चाबी कार्यालय के डिस्पैचर रामतीर्थ को सौंप दी और चले गए। इसके बाद से कार्यालय में ताला लटका था। इससे निर्माण संबंधी, पीएम आवास योजना संबंधी और वेतन संबंधी फाइलें लेखाकार के कक्ष में ही बंद थीं और कामकाज प्रभावित हो रहा था। शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट रामअक्षवर ने पहुंचकर लेखाकार का ताला खुलवाया। जब उन्हें पता चला कि लेखाकार ने सस्पेंड होने के दो दिन बाद चाबी सौंपकर रिसीविंग करवा ली तो उन्होंने रामतीर्थ को फटकार लगाई। इस संबंध में पीओ डूडा जय विजय सिंह ने बताया कि नगर मजिस्ट्रेट ने चाबी रिसीव करने पर रामतीर्थ को फटकार लगाई थी। रामतीर्थ ने स्वीकार किया कि छलपूर्वक लेखाकार ने चाबी देना रिसीव करवा लिया। लेखाकार का कक्ष बंद होने से पीएम आवास योजना और वेतन संबंधी कई फाइलें बंद थीं, जिससे कामकाज प्रभावित था। लेखाकार कक्ष खुलने से कामकाज शुरू हो जाएगा।

लेखाकार राकेश द्विवेदी ने बताया कि 4 व 5 अक्तूबर को उन्होंने कार्यालय आकर काम किया। 6 अक्तूबर को कार्यालय में दूसरा ताला पड़ा देख उन्होंने पीओ से इसकी जानकारी की तो उन्होंने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। उसी दिन वह अपने ताले की चाबी रामतीर्थ को देकर चिकित्सीय अवकाश पर चले गए। 9 अक्तूबर को पीओ ने रिलीविंग लेटर भेजकर सस्पेंड होने की जानकारी उन्हें दी।
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-लापरवाही के आरोप में डूडा के लेखाकार को किया गया था सस्पेंड
-सिटी मजिस्ट्रेट ने चाभी रिसीव करने पर लगाई कर्मचारी को फटकार
अमर उजाला ब्यूरो
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