फर्रुखाबाद। दिवाली पर अस्थाई आतिशबाजी के लिए लाइसेंस बनवाने को दलाल सक्रिय हो गए हैं। झंझटों से बचने के लिए अधिकतर फुटकर पटाखा दुकानदारों ने इन दलालों को ही लाइसेंस बनवाने का ठेका दे दिया है। दो हजार शुल्क का अस्थायी लाइसेंस बनवाने में पांच हजार रुपये दुकानदारों को देना पड़ रहा है।
दिवाली के चलते फुटकर आतिशबाजी दुकानदारों के लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फुटकर दुकानदार अस्थायी लाइसेंस बनवाने के लिए खुद दौड़-भाग करता है। उसे लाइसेंस बनवाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए दुकानदार दलालों के माध्यम से अस्थायी लाइसेंस बनवाना ही मुनासिब समझते हैं। एक दुकानदार ने बताया कि वह 5500 रुपये एक व्यक्ति को देकर लाइसेंस बनवा रहे हैं। पिछले साल उन्होंने लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन किया और खुद बनवाने में लगे तो उन्हें कई नियम और शर्तें बता दी गईं। इन नियमों को पूरा करने में ही करीब तीन-चार हजार रुपये खर्च हो गए और दौड़-भाग हुई सो अलग। इसलिए इस बार दलाल को ही लाइसेंस बनवाने का ठेका दे दिया है। कम से कम दिवाली से तीन-चार दिन पहले लाइसेंस घर बैठे मिल जाएगा।
फुटकर आतिशबाजी विक्रेता लाइसेंस बनवाने के लिए दमकल विभाग जाने लगे हैं। इसको लेकर रोजाना दमकल विभाग में भीड़ लग रही है। दमकल विभाग में रिपोर्ट लगवाने के लिए सुबह से ही दुकानदार पहुंच जाते हैं। दमकल विभाग के चीफ फायर अफसर एमपी सिंह ने बताया कि अस्थाई लाइसेंस बनवाने वालों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाती है। रुपये भी किसी से नहीं लिए जाते हैं। जांच के बाद लाइसेंस के लिए रिपोर्ट लगाई जा रही है।