फर्रुखाबाद। जर्जर सड़कों वा रोडवेज बसें जख्मी हो रही हैं। जिला प्रशासन इन सड़कों को ठीक भी नहीं करा रहा है। बसों के मरम्मतीकरण के नाम पर परिवहन निगम का हजारों रुपये बर्बाद होता है। जिले में हाईवे समेत कई ऐसे मार्ग हैं, जो काफी दिनों से जर्जर हालत में पड़े हैं लेकिन अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
परिवहन निगम के स्थानीय डिपो में 101 बसें हैं। इनमें सात बसें अनुबंधित और 94 परिवहन निगम की हैं। ये बसें दिल्ली, आगरा, कानपुर, बरेली, हरदोई, इटावा, एटा, शाहजहांपुर और मैनपुरी आदि जिलों के लिए चलती हैं। दिल्ली रूट पर सर्वाधिक 48 बसें जाती हैं। जिले में बरेली-इटावा हाईवे, फर्रुखाबाद-कायमगंज और मोहम्मदाबाद-फर्रुखाबाद मार्ग जर्जर हैं। इन्हीं मार्गों से रोजाना परिवहन निगम की बसें चलती हैं। सड़कों के जर्जर होने से आए दिन परिवहन निगम की कोई न कोई बस खराब हो जाती है। सूत्रों की मानें तो दो माह में करीब 18 से 20 बसें खराब हो चुकी हैं। खराब बसों को रोडवेज वर्कशाप फतेहगढ़ में टीक कराया जाता है। बताते हैं कि दिल्ली, आगरा रूट पर सबसे ज्यादा बसें खराब होती हैं। इसके अलावा अन्य रूटों पर चलने वाली बसों में भी खराबी आती है।
एक माह में आठ बसें हुईं खराब - एआरएम
एआरएम विजय कुमार गंगवार ने बताया कि जिले की कई सड़कें खस्ताहाल हैं। इसके चलते बसें आए दिन खराब होती हैं। एक माह में दिल्ली रूट पर चलने वाली छह और आगरा रूट पर चलने वाली दो बसें खराब हो चुकी हैं। मोहम्मदाबाद से होकर आगरा जाने वाला मार्ग और कायमगंज से होकर दिल्ली जाने वाला मार्ग काफी दयनीय स्थिति में है। इस वजह से इन रूटों पर चलने वाली बसें ज्यादा खराब होती हैं।