फर्रुखाबाद। किसानों को धान बेचने के 72 घंटे के भीतर आरटीजीएस के जरिए भुगतान कर दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। जिले में धान खरीद के लिए 16 केंद्र बनाए गए हैं। पंजीकृत समितियां सीमांत किसानों से 25 क्विंटल और लघु किसानों से 50 क्विंटल खरीद कर सकेंगी। जिले को धान खरीद के लिए 11200 क्विंटल का लक्ष्य दिया गया है।
किसानों को सरकारी केंद्रों पर अपनी उपज बेचने के कई दिनों बाद तक उसकी कीमत नहीं मिल पाती है। इसी के चलते इस बार योगी केबिनेट ने फैसला किया है कि अब किसानों को 72 घंटे के अंदर भुगतान कर दिया जाएगा। यह भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को उतराई-छनाई के रूप में 20 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। यदि किसान धान की छनाई करके नहीं लाते हैं और क्रय केंद्र के कर्मियों से कराते हैं तो यह रकम केंद्र के कर्मियों को देनी होगी। धान बेचने वाले किसानों को अपनी खतौनी लगानी होगी। खतौनी का सत्यापन भी कराया जाएगा। इससे पता चलेगा कि किसान वास्तव में अपनी ही उपज की बिक्री कर रहा है।
200 रुपये बढ़ा धान का समर्थन मूल्य
किसानों की आय में बढ़ोत्तरी के उद्देश्य से सरकार ने धान का समर्थन मूल्य और प्रोत्साहन राशि दोनों को बढ़ा दिया है। सामान्य धान का समर्थन मूल्य 180 रुपये बढ़ाकर 1750 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। जबकि ए ग्रेड के धान का समर्थन मू्ल्य 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1770 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।
एक नवंबर से शुरू होगी खरीद
जिले में धान की खरीद सरकारी क्रय केंद्रों पर एक नवंबर से शुरू होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, आगरा अलीगढ़ आदि में धान की खरीद एक अक्टूबर से शुरू हो चुकी है। यहां धान की फसल अगैती होती है। इन जिलों में खरीद 31 जनवरी से ही बंद भी हो जाएगी। जबकि जिले में खरीद 28 फरवरी तक चलेगी।
दो दिन लघु व सीमांत किसानों के लिए आरक्षित
लघु व सीमांत किसान वैसे तो प्रतिदिन अपनी उपज बेच सकते हैं, लेकिन हर सप्ताह में दो दिन केवल लघु व सीमांत किसानों के लिए ही आरक्षित होंगे। इस दिन अन्य किसान धान नहीं बेच सकेंगे।
किसानों को भुगतान 72 घंटे में आरटीजीएस के माध्यम से कर दिया जाएगा। जिले में 16 सरकारी क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें तैयारियां चल रही हैं।
संजीव सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी