अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। निक्षय-2 पोर्टल से अब टीबी मरीजों की जानकारी देश के किसी भी कोने से ली जा सकती है। सभी मरीजों का पंजीकरण कर उन्हें एक यूनिक आईडी जारी की जाएगी। इसके जरिए मरीजों के इलाज की स्थिति के साथ ही उनके बैंक की डिटेल भी पता कर सकते हैं। ताकि मरीजों को किसी भी डॉट्स सेंटर पर आसानी से इलाज मिल सके।
टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार राशि न मिलने की शिकायतें आने पर निक्षय पोर्टल-1 में बदलाव कर इसे निक्षय-2 के रूप में लाया गया है। इस नए पोर्टल पर मरीज के पंजीकरण के साथ ही उसे छह से सात अंकों की एक डिजिटल आईडी दी जाएगी। मरीज के आधार से लिंक खाते में पौष्टिक आहार की मासिक राशि 500 रुपये पहुंचेगी। यही नहीं आप कहीं से भी टीबी मरीज के इलाज की स्थिति पता कर सकते हैं। मरीज कहीं भी इलाज करा सकेगा। सीबी नैट मशीन से एमडीआर टीबी की रिपोर्ट पोर्टल पर खुद अपडेट हो जाएगी।
यदि किसी मरीज का भुगतान बाकी होगा तो उसका स्टेटस भी पोर्टल में दिखेगा। इसके अलावा सरकारी व निजी डॉक्टर मरीज को एक ही जगह पंजीकृत कर सकेंगे। बताया जा रहा है कि इस पोर्टल से एचआईवी से पीड़ितों के पोर्टल डॉट्स 99 को भी जोड़ा जाएगा। इससे एड्स व टीबी रोगियों की जानकारी भी एक ही जगह मिल जाएगी। पोर्टल पर टीबी से जुड़े नए शोध, आंकड़े व अन्य जानकारियां भी उपलब्ध रहेंगी।
वर्जन
टीबी मरीजों की जानकारी एक ही जगह होने से वह कहीं भी इलाज करा सकेंगे। इस पोर्टल पर काम चालू हो गया है। अभी तक 48 मरीजों का डाटा भी इसमें फीड किया जा चुका है। - डॉ. सुनील मल्होत्रा, डीटीओ