अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की प्रथम सत्र की परीक्षाएं आधी अधूरी तैयारियों के बीच शनिवार को शुरू करा दी गईं। ग्रामीण इलाकों के कुछ स्कूलों में परीक्षाएं नहीं कराई गईं। जिन स्कूलों में परीक्षाएं हुईं, वहां ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखे गए। उन्हें पढ़कर बच्चों ने किताबों से देखकर उत्तर लिखे। परीक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम रही।
परिषदीय स्कूलों की प्रथम सत्र की परीक्षाएं अगस्त में होनी थी। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से अगस्त में परीक्षाएं नहीं हो सकीं। सितंबर गुजरता देखकर अधिकारियों ने आनन फानन परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया। इससे ग्रामीण इलाकों के कई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को परीक्षा कराने की जानकारी नहीं मिल पाई। शनिवार को सत्र परीक्षा के प्रथम दिन प्रथम पाली में 8.30 से 10.30 बजे तक कक्षा एक से दो तक भाषा की मौखिक परीक्षा हुई। कक्षा तीन से पांच तक भाषा की लिखित परीक्षा और कक्षा छह से आठ तक हिंदी एवं अनिवार्य संस्कृत की परीक्षा कराई गई।
विभाग की ओर से प्रथम सत्र परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार नहीं किए गए। शिक्षकों ने खुद प्रश्न पत्र तैयार किया और ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नों को लिख दिया। कुछ बच्चे परीक्षा के लिए घर से कापी लाए, जिनके पास कापी नहीं थी। उनको स्कूल से कापियां उपलब्ध कराई गईं। बच्चों ने ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न देखकर किताबों से नकल कर कापी में उत्तर लिखा।
प्राथमिक विद्यालय बढ़पुर में 123 बच्चे पंजीकृत हैं, यहां 68 बच्चें उपस्थित हुए। प्रधानाध्यापिका रोली पांडेय ने बताया कि बच्चों की संख्या बहुत कम रही है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बढ़पुर की प्रधानाध्यापिका रेशमाबानो ने बताया कि 64 बच्चे पंजीकृत हैं, यहां 40 बच्चे परीक्षा देने आए।
अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय नया गांव में परीक्षा नहीं कराई गई। यहां के प्रधानाध्यापक सतेंद्र कुमार ने बताया कि परीक्षा कार्यक्रम उनको नहीं मिला। इससे परीक्षा नहीं कराई गई। इस विद्यालय में 132 बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें 70 बच्चे उपस्थित हुए। प्राथमिक विद्यालय जटपुरा में परीक्षा कराई गई। यहां पंजीकृत 60 बच्चों में से 48 ही परीक्षा में उपस्थित हुए।
प्राथमिक विद्यालय परतापुर कलां में 91 बच्चों में से 54 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए। किसी भी स्कूल में प्रश्न पत्र नहीं भेजे गए। इससे शिक्षकों को खुद प्रश्नपत्र तैयार कर परीक्षा करानी पड़ी। बीएसए रामसिंह ने बताया कि जिस स्कूल में परीक्षा नहीं हुई है। वहां के प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।