अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। एक ओर सरकार परिषदीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए प्रयास कर रही है। दूसरी ओर शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सरकार की योजनाओं को हवा में उड़ा रहे हैं। फतेहगढ़ स्टेडियम के पास स्थित नरेंद्र सरीन प्राथमिक विद्यालय के पीछेे बच्चों की किताबें जलाकर गड्ढे में दफना दी गईं। सूचना पर बीएसए व बीईओ मौके पर पहुंचे, लेकिन वह इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके। अब तक किसी को यह नहीं पता चला है कि किताबें किसने और क्यों जलाईं। कुछ अधजली किताबें मिलने से पता चला है कि पिछले सत्र की किताबें जलाई गई हैं।
फतेहगढ़ स्थित स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम के पास नरेंद्र सरीन प्राथमिक विद्यालय है। प्रतिवर्ष यहीं पर किताबों का स्टाक रखा जाता है। इसके बाद वाहनों से किताबों को अन्य ब्लाकों में पहुंचा दिया जाता है। स्कूल के पीछे की ओर स्टेडियम के पास थोड़ी सी जगह है। सोमवार सुबह किताबें विद्यालय में जला कर इसी जगह में गड्ढा खोदकर दबा दी गईं। किसी ने मामले की सूचना बीएसए रामसिंह और नगर शिक्षा अधिकारी सोमवीर सिंह को दे दी। इस पर उन्होंने मौके पर जाकर निरीक्षण किया, लेकिन किसी ने न तो किताबों को बाहर निकलवाया और न ही कोई कार्रवाई की जहमत उठाई।
बीएसए ने फोन पर बताया कि मामला संज्ञान में है। बाद में बताया गया कि वह किसी कार्यक्रम में शामिल होने लखनऊ गए हैं। नगर शिक्षा अधिकारी सोमवीर सिंह से मामले के विषय में पूछा गया कि किताबें क्यों जला दी गई हैं, तो उन्होंने बताया कि अभी यह नहीं पता चला है कि किताबें क्यों जलाई गई हैं। उन्होंने बताया कि किताबें पिछले सत्र की हैं। जब उनसे पूछा गया कि पिछले सत्र में बहुत से बच्चे ऐसे थे जिन्हें किताबें नहीं मिल पाईं थीं। इस मुद्दे पर वह कुछ भी नहीं बोल सके। कार्रवाई के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि यह बीएसए स्तर का मामला है वही देखेंगे।
पिछले सत्र में नहीं मिल सकी थीं किताबें
पिछले सत्र में कई स्कूलों की छात्र-छात्राओं को मुफ्त में मिलने वाली किताबें नहीं मिल सकी थीं। उन्हें किताबें बाजार से खरीदनी पड़ीं थीं। इधर, शिक्षा विभाग में बची हुई किताबों को जलाया जा रहा है। आखिर ये किताबें बच्चों को क्यों नहीं वितरित की गईं।
अब विद्यालयों में जा रहीं किताबें
आधा सत्र बीतने के बाद अब नरेंद्र सरीन स्कूल से किताबें अन्य विद्यालयों में भेजी जा रहीं हैं। सोमवार को ट्रैक्टर में भरकर किताबों को मोहम्मदाबाद ब्लाक के विद्यालयों में वितरण के लिए ले जाया गया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मामला संज्ञान में आया है, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - विवेक श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन, फर्रुखाबाद
पिछले सत्र की किताबें जलाए जाने का मामला पता चला है। किताबों को अभी वहीं पर जांच कराने के लिए छोड़ा गया है। इसकी खोदाई कराकर देखा जाएगा कि कितनी किताबें जलाई गई हैं। - अपूर्वा दुबे, सीडीओ