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सीसीटीवी कैमरे के साथ वायस रिकार्डिंग भी लगेंगे परीक्षा केंद्रों पर

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अमर उजाला ब्यूरो
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फर्रुखाबाद। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड परीक्षाओं में सख्ती से कराई जाने की तैयारी है। इस बार कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे के साथ ही परीक्षा की वाइस रिकार्डिंग भी कराई जाएगी। जिन कॉलेजों में कैमरे और वायस रिकार्डर होंगे, उन्हें ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। सात फरवरी से परीक्षाएं शुरू कराने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।

डिप्टी मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री डा. दिनेश शर्मा, अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल व माध्यमिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंस से यूपी बोर्ड परीक्षा 2018-19 की तैयारियों को लेकर सोमवार को समीक्षा की। इसमें स्कूलों का डाटा फीडिंग में लापरवाही बरतने पर जिला विद्यालय निरीक्षक कमलेश बाबू की फटकार लगाई। डीआईओएस ने बताया कि सात फरवरी 2019 से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षाएं होनी प्रस्तावित हैं। इसके लिए उन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने के निर्देश मिले हैं। जिनमें सीसीटीवी कैमरे के साथ वाइस रिकार्डर भी लगे होंगे। दागी स्कूलों को भी परीक्षा केंद्र सूची में शामिल न करने के निर्देश हैं। परीक्षा सेंटरों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। केंद्र की दूरी का निर्धारण सचिव खुद जीपीएस के माध्यम से करेंगे। बोर्ड परीक्षा के दौरान शिक्षक ड्यूटी करने से पीछे हटते हैं। इसके लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों का एक ग्रुप बनाया जाएगा।
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बोर्ड परीक्षा के दौरान ग्रुप के माध्यम से सेवानिवृत्त शिक्षकों को बुलाकर परीक्षा में सहयोग लिया जाएगा। डीआईओएस ने बताया कि कालेज में छात्रों से लिए जाने वाले शुल्क का निर्धारण करने वाली मंडलीय टीम बनी थी। उसको भंग कर दिया गया है। अब नई टीम का गठन होगा। इसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष और वह सचिव होंगे। स्कूलों का डाटा फीड करने की अंतिम तारीख छह सितंबर थी जिसको बढ़ाकर 15 सितंबर कर दिया गया है।

20 तक होगा पुराना पारिश्रमिक भुगतान
वीडियो कांफ्रेंस से डिप्टी मुख्यमंत्री व माध्यमिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने डीआईओएस को बोर्ड परीक्षा ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का पुराना पारिश्रमिक 20 सितंबर तक भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद शासन से अनुमति लिए बगैर डीआईओएस किसी को भुगतान नहीं कर सकते हैं।
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नियुक्ति को अनुमोदन देने पर लगाई रोक
फर्रुखाबाद। डिप्टी मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कर्मचारियों की नियुक्ति को अनुमोदन देने पर रोक लगा दी है। डीआईओएस ने बताया कि किसी भी विद्यालय में किसी प्रकार की नियुक्ति करने को वह अनुमोदन नहीं दे सकते है। अब शासन से अनुमति लेनी होगी। शिक्षकों के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में दिन के समय आने पर रोक लगाई है। शिक्षक दिन में 10 से 12 बजे तक कार्यालय में नहीं आ सकते हैं। शिक्षकों से मुलाकात करने को उनके लिए तीन बजे के बाद का समय निर्धारित किया गया है।
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