अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। सूबे के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने शनिवार को जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। निर्देश दिए कि प्राइवेट डॉक्टरों से कैंप लगवाकर इलाज कराएं। सांसद मुकेश राजपूत ने जिलाधिकारी के आंकड़ों पर सवाल भी उठाए।
मंत्री ने सीएमओ से स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि जिले में डाक्टरों की कमी है। इस पर उन्होंने डीएम की मदद से अच्छे प्राइवेट डाक्टरों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैंप लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियंता व डीपीआरओ को इंडिया मार्का हैंडपंप सही करवाने के निर्देश दिए। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को भी ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने के निर्देश दिए। इसके अलावा सिंचाई मंत्री ने सफाई कर्मियों को कार्यालय से हटाकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाने को कहा।
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बाढ़ से तीन लोगों की मौत होने की बात बताई। इस पर सांसद मुकेश राजपूत ने एक अन्य युवक की मौत होने की जानकारी दी। इस पर जिलाधिकारी ने पहले बताया कि वह आपदा में शामिल नहीं है। बाद में सांसद के जोर देने पर उसे भी जोड़ लिया गया। राहत कार्यों पर भी सांसद ने सवाल उठाए। कहा कि अर्जुनपुर गांव के आगे राहत सामग्री नहीं पहुंच रही है। किनारे के गांवों में ही सब कुछ हो जाता है। इस पर एसडीएम अमृतपुर रमेश चंद्र यादव ने बताया कि मामला मेरी नजर में है। लेखपाल सक्रिय हैं। राहत सामग्री की उपलब्धता कम है।
सांसद प्रतिनिधि रमेश राजपूत ने बताया कि वहां से आते समय एक नाव शुक्रवार को पलट गई थी। वहां पर एक मोटर बोट की व्यवस्था की जाए। इस पर जिलाधिकारी व एसडीएम ने रविवार तक व्यवस्था करने की बात कही।
अक्तूबर तक छुट्टी करें रद्द
सिंचाई मंत्री ने जिलाधिकारी से कहा कि अक्तूबर तक सभी विभागों के अफसरों व कर्मचारियों की छुट्टी रद कर दें। ताकि किसी को कोई समस्या न आए। ज्यादा संवेदनशील मामलों में ही छुट्टी दी जाए।