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आउट आफ स्कूल सर्वे में फर्जीबाड़े को रोकेगा आगमन

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अमर उजाला ब्यूरो
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फर्रुखाबाद। आउट ऑफ स्कूल सर्वे में होने वाले फर्जीवाड़े को अब ‘आगमन’ रोकेगा। यह मोबाइल एप है। सर्वे रिपोर्ट को एप पर अपलोड करना होगा, ताकि बाद में रिपोर्ट में हेरफेर न हो सके। स्कूल न जाने वाले बच्चों को चिह्नित करने का काम 30 अगस्त तक पूरा होना था। समय समाप्त होने के बाद अभी तक सर्वे का काम अधर में है। अब यह रिपोर्ट 10 सितंबर तक देने को कहा गया है।

6 से 14 साल की आयु के छात्र-छात्राएं, जिनकी पढ़ाई किसी वजह से बंद हो गई। ऐसे बच्चों को चिह्नित करने का काम बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आउट आफ स्कूल सर्वे योजना के तहत कराया जाता है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों के माध्यम से सर्वे कराने की जिम्मेदारी दी थी। 11 से 25 अगस्त तक सर्वे होना था। 30 अगस्त को सर्वे की रिपोर्ट तैयार कर बीएसए कार्यालय में उपलब्ध करानी थी। यह रिपोर्ट ‘आगमन’ मोबाइल एप पर अपलोड की जाएगी। इससे जिले के किस ब्लाक और किस गांव में कितने बच्चे मिले और किस विद्यालय में कौन से कक्षा में दाखिला दिलाया गया है। यह पूरी रिपोर्ट आगमन एप पर अपलोड करनी होगी। इस एप के माध्यम से अब एक बार आउट आफ स्कूल दिखाए गए बच्चे को दोबारा उसकी श्रेणी में शामिल करना मुश्किल होगा। इससे आउट आफ स्कूल बच्चों की स्थिति स्पष्ट होगी।
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शिक्षा निदेशक ने एप आगमन के माध्यम से रिपोर्ट देने का आदेश बीएसए को दिया है। अपलोडिंग का काम 10 सितंबर तक विभागीय अधिकारियों को पूरा करना है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा सरिता त्रिवेदी ने बताया कि एप के संबंध में सभी बीईओ को बीएसए का आदेश भेज दिया गया है। सभी बीईओ को आउट आफ स्कूल सर्वे रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है।
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