अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय (डूडा) की तिमाही बैठक दो साल से नहीं हुई है। जिसकी वजह से डूडा से संचालित होने वाली विकास योजनाओं का क्रियान्वयन ठप पड़ा हैं। हालांकि इतने लंबे समय से बैठक क्यों नहीं हुई, इस बारे में विभागीय अधिकारी भी कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।
डूडा की ओर से संचालित होने वाली विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए शासी निकाय की बैठक होती है। यह बैठक हर तीसरे माह में करने का प्राविधान है। इसमें महाप्रबंधक डीआईसी, जिला सेवा योजन अधिकारी, बीएसए, सीएमओ, सभी नगर पालिकाओं व नगर पंचायत के ईओ, एलडीएम और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भाग लेना होता है। बैठक में शासन से आवंटित विकास कार्यों की स्वीकृति आपसी विचार-विमर्श के बाद ली जाती है। यदि कोई सदस्य आपत्ति करता है तो उसका निदान कर विकास कार्य शुरू कराए जाते हैं।
सूत्रों की मानें तो डूडा कार्यालय की शासी निकाय की बैठक वर्ष 2016 में हुई थी। तब से लेकर आज तक शासी निकाय की बैठक नहीं हुई है। इस वजह से निर्माण कार्य, एनयूएलएम(राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन) की ओर से दी जाने वाली ट्रेनिंग आदि के कार्य अधर में लटके हैं। बैठक न होने से दो साल से कोई भी नया काम शुरू नहीं कराया गया है। पुराने प्रोजेक्टों का ही कार्य चल रहा है। इस संबंध में परियोजना अधिकारी जय विजय सिंह ने बताया कि 12 सितंबर को शासी निकाय की बैठक की जाएगी। दो साल से बैठक क्यों नहीं हुई, इस बारे में वह कुछ नहीं बता सकते हैं।