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साहब! दस हजार दे देती तो मिल जाते ई-रिक्शा के कागज

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अमर उजाला ब्यूरो
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फर्रुखाबाद। साहब कई दिनन से ई-रिक्शा के कागज लेन आइ रही हैं पर बाबूजी 10 हजार रुपैया मांग रहे हैं। न देन पर कागज नाही दै रहे हैं। ये शिकायत डूडा कार्यालय में ई-रिक्शा के कागज लेने आई महिला तारावती पत्नी महाराम ने परियोजना अधिकारी जय विजय सिंह से की। पीओ डूडा ने ई-रिक्शा की फाइल तलब कर महिला को कागज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

गुरुवार को डूडा कार्यालय में तारावती पत्नी महाराम ने परियोजना अधिकारी से शिकायत की कि उसके पति महाराम को जुलाई 2017 में ई-रिक्शा दिया गया था। कागज बनवाने के नाम पर उससे पहले 500 और फिर 1200 रुपये लिए गए। कुछ दिन बाद जब वह कागज लेने डूडा कार्यालय आई तो यहां उससे एक व्यक्ति ने दस हजार रुपये की मांग की। इसके बाद वह व्यक्ति उसके घर भी गया लेकिन पैसे न होने के चलते वह नहीं दे सकी। इसके बाद उसने कार्यालय आकर कई बार कागज मांगे लेकिन उसे हर बार टरका दिया गया। महिला ने पीओ से शिकायत की कि रुपये न देने के चक्कर में उसे कागज नहीं दिए जा रहे हैं।
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महिला की शिकायत सुनकर परियोजना अधिकारी ने ई-रिक्शा के रिकार्ड तलब किए लेकिन उसमें महाराम के कागज ही नहीं थे। पीओ ने महिला को आश्वासन दिया कि वह मामले की जांच कराकर उसके कागजात दिलाएंगे। तारावती ने बताया कि डूडा के एक कर्मचारी ने उनके पति महाराम को आईटीआई चौराहा पर सुबह बुलाकर ई रिक्शा दिया था। तारावती ने आरोप लगाया कि उससे 10 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। गौरतलब है कि सपा सरकार में करीब एक सौ से ज्यादा ई-रिक्शा बंटने के लिए आए थे। लेकिन डूडा में तैनात कर्मचारियों ने साठगांठ कर अधिकतर अपात्रों को ही ई-रिक्शा बांट दिए।
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