अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय (डूडा) ने करीब तीन सालों से विभागीय बैलेंस सीट बनाकर सूडा कार्यालय को नहीं भेजी है। इस वजह से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सूडा ने बैलेंस सीट भिजवाने के लिए डूडा को निर्देश दिए हैं।
हर साल अप्रैल से मई माह तक डूडा कार्यालय से बैलेंस सीट बनाकर सूडा कार्यालय को भेजनी होती है। इस बैलेंस सीट में विभिन्न योजनाओं के मदों में आने वाले पैसों और कार्यालय में खर्च होने वाले रुपये का विवरण देना होता है। बैलेंस सीट के आधार पर ही सूडा कार्यालय से विभिन्न योजनाओं व अन्य खर्चों के लिए धनराशि आवंटित की जाती है। कार्यालय सूत्रों की मानें तो करीब तीन साल से डूडा ने बैलेंस सीट बनाकर सूडा कार्यालय को नहीं भेजी है। वर्ष 2017-18 की जो बैलेंस सीट भेजी गई है वो भी अधूरी है। उसमें पहले करीब एक करोड़ रुपये का अंतर निकला। सूत्र बताते हैं कि कानपुर में बैठने वाले अफसरों ने जब डूडा कार्यालय के अकाउंटेंट के समक्ष बैलेंस सीट को ठीक कराया लेकिन अभी भी करीब 34-35 हजार रुपये का अंतर आ रहा है। अकाउंटेंट राकेश द्विवेदी का कहना है कि कानपुर में बैठने वाली सीए लक्ष्मी सक्सेना के पास बैलेंस सीट लेकर जा चुका हूं। सोमवार को फिर सीए के पास बैलेंस सीट लेकर जाना है।
डीएम से करेंगे शिकायत-पीओ
पीओ डूडा जय विजय सिंह ने बताया कि सूडा कार्यालय से लगातार बैलेंस सीट बनाकर भेजने को कहा जा रहा है। करीब एक माह से ज्यादा दिनों से अकाउंटेंट राकेश द्विवेदी से बैलेंस सीट बनाकर भेजने के लिए कहा जा रहा है लेकिन अभी तक उन्होंने बैलेंस सीट बनाकर सूडा कार्यालय नहीं भेजी है। पीएम आवास योजना (शहरी) में काफी जोर है लेकिन जैसे-तैसे वह काम चला रहे हैं। अकाउंटेंट के खिलाफ लिखकर वह जिलाधिकारी को अवगत कराएंगे।